अस्पताल में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा

पाकुड़. लगातार हो रहे मौसम में बदलाव से सरकारी अस्पताल सहित निजी क्लीनिकों में मौसमी बीमारी से ग्रस्त मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है.

प्रतिनिधि, पाकुड़. लगातार हो रहे मौसम में बदलाव से सरकारी अस्पताल सहित निजी क्लीनिकों में मौसमी बीमारी से ग्रस्त मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है. लोग सर्दी, खांसी, बुखार की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं. ऑन ड्यूटी पर मौजूद डॉ संतोष कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों पेट दर्द, दस्त, खांसी, बुखार, सिरदर्द जैसी बीमारी से लोग अधिक ग्रसित हो रहे हैं. करीब 200 की संख्या में महिला व पुरुष इन समस्याओं से ग्रसित होकर अस्पताल आ रहे हैं. उन्हें दवाई के साथ-साथ उचित परामर्श भी दिया जा रहा है. बरसात के मौसम में अपने खान-पीन और जीवनशैली में विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है. चूंकि इस मौसम में संक्रमण फैलने की संभावना बहुत अधिक होती है. वर्तमान मौसम में व्यक्ति को हल्के सुपाच्य, ताजे, गर्म खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए. इस मौसम में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो वात दोष का शमन करने वाले हो. बताया कि वर्षा ऋतु में शहद का सेवन लाभदायक होता है, किंतु इसे कभी भी गर्म करके न लें. वात और कफ दोषों को शांत करने के लिए तीखा, अम्ल और क्षारीय पदार्थ का सेवन करना लाभप्रद होता है. पर याद रखें, इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. पानी को सदैव उबालकर ठंडा करने के बाद ही पीना चाहिए.

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Author: RAGHAV MISHRA

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