मनरेगा कर्मियों को प्रशासन की अंतिम चेतावनी, तीन दिन में काम पर लौटने का निर्देश नगर प्रतिनिधि, पाकुड़ जिले में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे मनरेगा कर्मियों को प्रशासन ने अंतिम चेतावनी जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर कार्य पर लौटने का निर्देश दिया है. उप विकास आयुक्त सह अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक द्वारा सोमवार को जारी पत्र में कहा गया है कि हड़ताल के कारण मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीणों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है. पत्र में उल्लेख किया गया है कि मनरेगा कर्मी मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे योजनाओं के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. प्रशासन ने सभी बीडीओ को निर्देश दिया है कि हड़ताल पर गए कर्मियों को अंतिम चेतावनी देते हुए तीन दिनों के भीतर सेवा में वापस लौटने की सूचना दी जाए. साथ ही स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में कार्य पर नहीं लौटने की स्थिति में एकपक्षीय निर्णय लिया जाएगा. दूसरी ओर, झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ, जिला इकाई पाकुड़ के बैनर तले आंदोलनरत कर्मियों ने मंगलवार को भी समाहरणालय के समक्ष धरना जारी रखा. कर्मियों की प्रमुख मांगों में स्थायीकरण, ग्रेड-पे सहित सभी सेवा लाभों की स्वीकृति और जीविका मानदेय लागू करना शामिल है. संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों को लेकर कई बार सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक हड़ताल जारी रहेगी.
सेवा में नहीं लौटे तो होगा एकपक्षीय निर्णय, प्रशासन ने जारी किया सख्त पत्र
पाकुड़ जिले में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे मनरेगा कर्मियों को प्रशासन ने तीन दिन के भीतर काम पर लौटने की अंतिम चेतावनी दी है। हड़ताल से योजनाओं के संचालन और ग्रामीण रोजगार पर असर पड़ रहा है। कर्मी मार्च 2026 से हड़ताल पर हैं और प्रशासन ने बीडीओ को एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। वहीं, मनरेगा कर्मचारी संघ ने स्थायीकरण, ग्रेड-पे और मानदेय की मांगों को लेकर धरना जारी रखा है और हड़ताल जारी रखने का एलान किया है।
