धान बीज के इंतजार में किसान, कइयों ने अपने खर्च पर डाला बिचड़ा

पाकुड़ जिले के किसानों को अभी तक सरकारी धान बीज नहीं मिला है, जिससे खरीफ की तैयारियों में बाधा आई है। मानसून से पहले हुई बारिश के कारण आधे से अधिक किसान अपने खर्च से बीज डाल चुके हैं। कृषि विभाग का कहना है कि सरकार से 1000 क्विंटल बीज मिलने के बाद 50 प्रतिशत अनुदान पर वितरण शुरू होगा। विभाग ने लगभग 49 हजार हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य रखा है और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना चाहता है।

कृषि विभाग को अब तक नहीं मिली सरकारी बीज आपूर्ति

राघव मिश्रा, पाकुड़

खरीफ मौसम की शुरुआत के बावजूद जिले के किसानों को अब तक धान का बीज उपलब्ध नहीं हो सका है. समय पर बीज नहीं मिलने से किसान चिंता में हैं और खेती की तैयारियों पर इसका असर पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार मानसून पूर्व हुई बारिश के कारण जिले के करीब 50 प्रतिशत किसानों ने अपने खर्च पर खेतों में धान का बिचड़ा डाल दिया है, ताकि रोपाई की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके. कृषि विभाग द्वारा अभी तक धान बीज वितरण शुरू नहीं किया गया है. विभाग का कहना है कि जल्द ही किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर धान बीज उपलब्ध कराया जाएगा. कृषि विभाग के अनुसार पूर्व वर्षों में रोहिणी नक्षत्र के दौरान 15 मई तक किसानों के बीच धान बीज का वितरण कर दिया जाता था. इसका उद्देश्य समय पर बिचड़ा तैयार करना और उत्पादन लक्ष्य को प्रभावित होने से बचाना होता था. हालांकि इस वर्ष अब तक जिला कृषि विभाग को सरकार की ओर से धान बीज की आपूर्ति नहीं मिल सकी है. विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस बार बारिश देर से होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए बीज आपूर्ति की प्रक्रिया तय की गई थी, लेकिन मानसून पूर्व ही बारिश शुरू हो जाने से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो गई.

हजार क्विंटल धान बीज वितरण का लक्ष्य

सरकार ने जिले के लिए 1000 क्विंटल धान बीज का लक्ष्य निर्धारित किया है. यह बीज एक से पांच हेक्टेयर तक भूमि रखने वाले किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा. किसान अब जल्द बीज उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि खेती का कार्य प्रभावित न हो.

क्या कहते हैं अधिकारी

बारिश अपेक्षा से पहले शुरू होने के कारण बीज उपलब्ध कराने में थोड़ी देरी हुई है. सरकार द्वारा निर्धारित 1000 क्विंटल धान बीज जल्द जिले को प्राप्त होगा और किसानों के बीच वितरण शुरू किया जाएगा. उन्होंने इस वर्ष भी जिले में लगभग 49 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है. विभाग का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि टिकाऊ एवं लाभकारी खेती को बढ़ावा देना भी है.

मृत्युंजय कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी

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