बागवानी से किसान स्थायी आर्थिक उपार्जन कर सकते हैं : बीडीओ

पाकुड़. बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत मंगलवार को सदर प्रखंड कार्यालय परिसर में आम उत्सव सह बागवानी मेला का आयोजन किया गया.

पाकुड़. बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत मंगलवार को सदर प्रखंड कार्यालय परिसर में आम उत्सव सह बागवानी मेला का आयोजन किया गया. शुभारंभ बीडीओ समीर अल्फ्रेड मुर्मू, प्रमुख डाली मालतो, उप प्रमुख हैदर अली, शहरकोल के मुखिया विकास गौड़ ने संयुक्त रूप से किया. इस दौरान लाभुकों ने फलों की प्रदर्शनी लगायी. मेले में आम के कई किस्म देखने को मिले, जिससे लोगों में खासा उत्साह देखा गया. मौके पर बीडीओ ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग से संचालित है. इस योजना का उद्देश्य वनरोपण को बढ़ावा देना और ग्रामीणों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना है. कहा कि मनरेगा के माध्यम से बागवानी लगाकर किसान स्थायी आर्थिक उपार्जन कर सकते हैं. यह ग्रामीणों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. बताया कि अब तक प्रखंड क्षेत्र में कुल 1077.5 एकड़ में बागवानी योजना स्वीकृत की जा चुकी है. यह योजना किसानों के लिए आर्थिक रूप से सशक्त बनने का एक सुनहरा अवसर है. इसका लाभ कृषकों को भी उठाना चाहिए. बताया कि मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचायतों में 350 एकड़ भूमि का चयन कर आम की बागवानी कराने के लक्ष्य को पूर्ण कर लिया गया है. वहीं मुखिया विकास गौड़ ने कहा कि आम उत्पादक किसान ने आधुनिक तकनीक अपनाकर मनरेगा से रोजगार प्राप्त कर आम की बागवानी के साथ-साथ पर्यावरण को संतुलित करके स्वरोजगार को बढ़ावा देने का काम किया है. यह मेला न सिर्फ बागवानी को बढ़ावा देने का मंच है, बल्कि यह आम उत्पादक किसानों सहित महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल के साथ-साथ स्वरोजगार का अवसर प्रदान कर रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAGHAV MISHRA

RAGHAV MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >