जलसे में सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने पर दिया गया जोर
जामिया सलफिया मदरसा कमलघाटी की ओर से 36वां जलसे का आयोजन किया गया.
हिरणपुर. जामिया सलफिया मदरसा कमलघाटी की ओर से 36वां जलसे का आयोजन किया गया. मौलाना अब्दुल रहमान फैजी की अध्यक्षता में आयोजित इस जलसे में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया. जलसा में आए मौलानाओं ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया. गिरिडीह से आये मौलाना अबुल कलाम ने कहा कि इस्लाम में भाईचारे का संदेश है. हमें सभी को साथ लेकर चलने की जरूरत है. साथ ही कुरान के तालीम पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि कुरान का तालीम सबसे बेहतर है, क्योंकि वह इंसानियत की दिशा दिखाती है. मौलाना ने यह भी कहा कि दुनियावी तालीम के साथ-साथ कुरान का तालीम भी बेहद जरूरी है. वहीं उत्तरप्रदेश इटावा से आये मौलाना फैजुर रहमान सेराजी ने कहा कि इस्लाम एक मुकम्मल निजाम ए हयात है. इसका दायरा महज इबादत और मामलात तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जिंदगी के तमाम शोबों में है. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में अमन शांति आपसी प्रेम सद्भाव और भाईचारगी बेहद जरूरत है. देवघर से मौलाना इमामुल इस्लाम ने भी तकरीर देकर अल्लाह के बताए मार्ग पर चलने की सलाह दी. जलसे के दौरान फरागत कर मोअल्लीमा बनी 8 बच्चियों को कमेटी के सचिव जाहिद आलम, सदस्य अजीजुल इस्लाम, इशहाक अंसारी, जावेद आलम ने सर्टिफिकेट भी दिया गया. मौके पर हाजी समद अली आदि मौजूद थे.
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