पाकुड़: ग्राम पंचायतों को बालू घाटों से प्राप्त वन सोर्स रेवेन्यू (ओएसआर) राशि के प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग को लेकर गुरुवार को जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में ओएसआर राशि से संचालित योजनाओं की प्रगति, वित्तीय प्रबंधन एवं कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने सभी मुखिया एवं पंचायत सचिवों को निर्देश दिया कि ओएसआर राशि का उपयोग राज्य सरकार एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और गुणवत्ता के साथ किया जाए. उन्होंने कहा कि राशि का उपयोग पंचायत क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विकास, जनसुविधाओं के विस्तार तथा स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि ग्रामीणों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके.
बैठक में सभी स्वीकृत योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. डीपीआरओ ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को ओएसआर राशि से संबंधित व्यय विवरण, अभिलेख एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का समुचित संधारण करने तथा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने का भी निर्देश दिया. बैठक में ओएसआर राशि के प्रभावी उपयोग, गुणवत्ता नियंत्रण, वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
