संताली को प्रथम राजभाषा का दर्जा देने की मांग

कल्याण छात्रावास परिसर में बुधवार को आदिवासी सेंगेल अभियान के कार्यकर्ताओं की बैठक हुई.

महेशपुर. प्रखंड मुख्यालय स्थित कल्याण छात्रावास परिसर में बुधवार को आदिवासी सेंगेल अभियान के कार्यकर्ताओं की बैठक हुई. अध्यक्षता संताल परगना प्रमंडल के महासचिव मदन मुर्मू ने की. 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय भाषा दिवस पर झारखंड में संताली को प्रथम राजभाषा का दर्जा देने को लेकर चर्चा की गयी. सेंगेल के कार्यकर्ताओं ने कहा कि 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय भाषा दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम उपायुक्त पाकुड़ को ज्ञापन सौंपकर संताली भाषा को दर्जा देने की मांग की जायेगी. कहा कि झारखंडी आदिवासी भाषाओं में से सबसे बड़ी और अधिक संताली बोली जाती है. सेंगेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के नेतृत्व में एक लंबी लड़ाई के प्रतिफल 22 दिसंबर 2003 में आठवीं अनुसूची में शामिल कर राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है. मौके पर जिला सेंगेल छात्र मोर्चा के अध्यक्ष रूबीलाल किस्कू, सुलेमान किस्कू, सिकंदर हेंब्रम, रासका टुडू, श्यामलाल मुर्मू, जतन सोरेन, कुबराज मुर्मू, गंगाराम सोरेन आदि मौजूद थे.

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