10 जगहों पर फर्जी आधार कार्ड की शिकायत, अबतक दो में ही हुई जांच

जिले के आठ एजेंसियों के माध्यम से 62 आधार केंद्र संचालित हैं, जिनमें पंचायत स्तर पर 16 सीएसपी केंद्र मोबाइल नंबर अपडेटिंग हेतु और आईपीपीई केंद्र छोटे बच्चों का आधार बनाते हैं। शहबाजपुर निवासी तनवीर आलम ने उपायुक्त को फर्जी दस्तावेजों से आधार कार्ड निर्माण की शिकायत दी, जिससे प्रशासन ने जांच शुरू की। जांच कोडल काठी ब्रिज, सीतारामपुर, पृथ्वीनगर सहित दस स्थानों पर होनी है, अभी केवल भवानीपुर और फरसा से रिपोर्ट मिली है। प्रखंड सचिव जांच कर रिपोर्ट वरीयों को देंगे। कई केंद्र बंद और ब्लैकलिस्टेड हैं, जिन्हें पुनः सक्रिय करने के प्रयास जारी हैं। फर्जी आधार बनाने के आरोपित स्थान सक्रिय एजेंसियों में नहीं हैं।

जिले में कुल आठ एजेंसियों के माध्यम से 62 आधार केंद्र संचालित शहबाजपुर निवासी तनवीर आलम ने डीसी को दिया था आवेदन आधार कार्ड बनवाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के उपयोग की शिकायत प्रतिनिधि, पाकुड़. पंचायत स्तर पर फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने की शिकायत ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है. जांच प्रक्रिया अभी भी जारी है और अब तक पूर्ण नहीं हो सकी है. प्रखंड कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कोदल काठी ब्रिज, सीतारामपुर, पृथ्वीनगर, अंजना, भवानीपुर, इलामी कब्रिस्तान के सामने, चांचकी करोल पड़ा मंदिर के पास, देवतल्ला, भवानीपुर और फरसा जैसे दस स्थानों पर जांच की जानी है. लेकिन अब तक केवल भवानीपुर और फरसा से ही रिपोर्ट प्राप्त हुई है. प्रखंड कार्यालय के प्रधान सहायक रवि कुमार टुडू ने बताया कि जांच की जिम्मेदारी बीडीओ स्तर से पंचायत सचिवों को दी गई है. जैसे ही सभी स्थानों से रिपोर्ट प्राप्त होगी, उसे वरीय पदाधिकारी को सौंप दिया जाएगा. यह मामला तब सामने आया जब शहबाजपुर निवासी तनवीर आलम ने उपायुक्त को आवेदन देकर जिले में आधार कार्ड बनाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के उपयोग की शिकायत की. उन्होंने आरोप लगाया कि बाईपास सेंटर में प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, अंक पत्र, पैन कार्ड, वोटर आईडी जैसे दस्तावेज आधार बनाने वाले खुद तैयार कर अपलोड कर रहे हैं. इस गंभीर मामले को देखते हुए उपायुक्त ने तत्काल जांच के आदेश दिए. विभाग ऑफ आईटी के एडीपीओ रितेश कुमार ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में एक-एक आधार केंद्र चलना चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल पाकुड़, लिट्टीपाड़ा और महेशपुर के प्रखंड परिसर में ही केंद्र सक्रिय हैं. हिरणपुर, अमड़ापाड़ा और पाकुड़िया के केंद्र बंद हैं और इन्हें ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है. विभाग इन स्थानों पर फिर से आधार केंद्र खोलने का प्रयास कर रहा है. जिले में कुल आठ एजेंसियों के माध्यम से 62 आधार केंद्र संचालित हैं, जिनमें सीएससी, आईपीपीई जैसे संस्थान शामिल हैं. पंचायत स्तर पर 16 सीएसपी केंद्र कार्यरत हैं, जिनका मुख्य कार्य मोबाइल नंबर अपडेट करना है. वहीं आईपीपीई केंद्रों में शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का आधार बनाया जाता है. जिन स्थानों पर फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने की सूचना मिली है, वे वर्तमान में कार्यरत एजेंसियों की सूची में शामिल नहीं हैं.

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Author: RAGHAV MISHRA

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