क्रिसमस सांस्कृतिक महत्व वाला खुशी का पर्व है : अध्यक्ष

द्रोणा बचपन पब्लिक स्कूल में मंगलवार को क्रिसमस मिलन समारोह का आयोजन किया गया. अध्यक्ष नलिन मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि क्रिसमस सांस्कृतिक महत्ववाला एक खुशी का पर्व है.

24 दिसंबर फोटो संख्या- 05 कैप्शन- कार्यक्रम के दौरान मौजूद बच्चें संवाददाता, पाकुड़ द्रोणा बचपन पब्लिक स्कूल में मंगलवार को क्रिसमस मिलन समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत केक काटकर हुई. विद्यालय के अध्यक्ष व शिक्षकों ने सभी बच्चों को केक खिलाया. इस अवसर पर बच्चों ने कई प्रकार के कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर खुशी मनायी. अध्यक्ष नलिन मिश्रा ने अपने संबोधन में बताया कि क्रिसमस सांस्कृतिक महत्ववाला एक खुशी का पर्व है. ईसाई धर्म में ईसा मसीह के जन्म के उपलक्ष्य में हर साल 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाया जाता है. अपनी धार्मिक जड़ों से परे क्रिसमस एक वैश्विक सांस्कृतिक त्योहार के रूप में विकसित हुआ है. ईसाई समुदाय का सबसे बड़ा और खुशी का त्योहार है. इस कारण इसे बड़ा दिन भी कहा जाता है. वहीं सचिव निरंजन मिश्रा ने ईसा मसीह के जीवनी पर प्रकाश डाला. बताया कि इनका जन्म फिलिस्तीन के बेथलहेम शहर में हुआ था. उनके पिता का नाम जोसफ तथा माता का नाम मरियम था. यह शहर आज के जमाने में इजरायल की राजधानी येरुशलम से 10 किलोमीटर दूर सेंट्रल वेस्ट बैंक में स्थित है. ईसा मसीह के जन्म से ही अंग्रेजी कैलेंडर की भी शुरुआत हुई है, जिसे वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है. ईसा मसीह ने समाज को मानवता, त्याग एवं भाईचारे का संदेश दिया. कार्यक्रम के सफल संचालन में सभी अध्यापक-अध्यापिकाओं ने सहयोग किया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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