एनीमिया पीड़ित बच्चे-बच्चियों सहित महिलाओं को मिले समुचित इलाज : डीसी

समाहरणालय सभागार में बुधवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में एनीमिया मुक्त भारत अभियान को लेकर बैठक हुई.

पाकुड़ नगर. समाहरणालय सभागार में बुधवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में एनीमिया मुक्त भारत अभियान को लेकर बैठक हुई. इस दौरान एनीमिया के प्रभाव, रोकथाम और उपचार को लेकर विस्तृत चर्चा की गयी. बैठक में सिविल सर्जन डॉ मंटू कुमार टेकरीवाल ने कहा कि एनीमिया एक गंभीर पोषण संबंधी समस्या है, जो शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करता है. उन्होंने बताया कि भारत में आधी से अधिक आबादी एनीमिया से पीड़ित हैं, जिसमें सबसे अधिक प्रभावित बच्चे, किशोर-किशोरियां, गर्भवती और धात्री महिलाएं होती हैं. शरीर में खून की कमी होने के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है. उन्होंने बताया कि एनीमिया मुक्त भारत सप्ताह 17 मार्च से 29 मार्च तक चलेगा. इस दौरान 6 से 59 माह के बच्चे, 5 से 9 वर्ष के बच्चे, 10 से 19 वर्ष के किशोर व किशोरी, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की हिमोग्लोबिन जांच एवं उपचार किया जायेगा. साथ ही सभी लक्षित आयु वर्ग में आयरन-फोलिक एसिड की संपूर्ण खुराक देने और लौह युक्त भोजन को बढ़ावा देने के लिए जागरुकता अभियान चलाया जायेगा. डीसी ने एनीमिया रोकथाम के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को समुचित प्रशिक्षण देने, आइएफए की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और अस्पतालों में चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार लगाने के निर्देश दिए. कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए, ताकि मरीजों को समुचित इलाज मिल सके. बैठक में डीडीएम आइडीएसपी की ओर से पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गयी. इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.

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Published by: Sanu kumar dutta

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