नववर्ष के दूसरे दिन भी बांसलोई तट पर उमड़ा सैलानियों का सैलाब

महिलाओं को प्रकृति विहार पार्क में लगे रंग-बिरंगे फूलों के बीच फोटो खिंचवाते और प्राकृतिक सौंदर्य को कैमरे में कैद करते देखा गया.

अमड़ापाड़ा. नववर्ष के दूसरे दिन शुक्रवार को भी अमड़ापाड़ा प्रखंड स्थित प्रसिद्ध बांसलोई नदी के तट पर सैलानियों की भीड़ उमड़ती रही. स्थानीय लोगों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से आए सैकड़ों पर्यटक परिवार और मित्रों के साथ बांसलोई नदी किनारे पिकनिक मनाने पहुंचे. ठंडी हवाओं और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच लोगों ने नाच-गान करते हुए नववर्ष का उत्साहपूर्वक आनंद लिया. वहीं नववर्ष के उल्लास में युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक देखने को मिली. बड़ी संख्या में युवा समूह नदी तट पर डीजे की धुन पर थिरकते नजर आए. वहीं महिलाओं और बच्चों ने परिवार संग शांत वातावरण में पिकनिक मनायी. सीमावर्ती क्षेत्र कुश्चिरा गांव के धुंधापहाड़ी इलाके में बहने वाली बांसलोई नदी के किनारे भी दिनभर चहल-पहल बनी रही. इस दौरान महिलाओं को प्रकृति विहार पार्क में लगे रंग-बिरंगे फूलों के बीच फोटो खिंचवाते और प्राकृतिक सौंदर्य को कैमरे में कैद करते देखा गया. बच्चों ने भी नदी किनारे खुले वातावरण में खूब मौज-मस्ती की. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार नववर्ष के अवसर पर बांसलोई नदी के तट पर पिकनिक मनाने की परंपरा पिछले करीब 20 वर्षों से चली आ रही है. हर साल नववर्ष पर गोपीकांदर, काठीकुंड, बलियाडांगा, पाकुड़, हिरणपुर, लिट्टीपाड़ा, दुमका सहित आसपास के इलाकों और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में सैलानी यहां पहुंचते हैं. गौरतलब है कि ठंडी हवाओं और नदी किनारे मौजूद मनोरम स्थलों के कारण बांसलोई नदी क्षेत्र नववर्ष पर पिकनिक मनाने वालों की पहली पसंद बना हुआ है.

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Published by: Binay kumar

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