पाकुड़ के पूर्व भाजपा विधायक बेनी प्रसाद गुप्ता का दिल का दौरा पड़ने से निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

Pakur News: पाकुड़ के पूर्व भाजपा विधायक बेनी प्रसाद गुप्ता का हार्ट अटैक से निधन हो गया. 1990 और 1995 में विधायक रहे बेनी प्रसाद गुप्ता अपने मिलनसार स्वभाव और जनसेवा के लिए जाने जाते थे. उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है. गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

पाकुड़ से विकास जायसवाल की रिपोर्ट

Pakur News: पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक बेनी प्रसाद गुप्ता का बुधवार को हृदयाघात (हार्ट अटैक) से निधन हो गया. उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई. भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्र के लोगों ने उनके निधन को सार्वजनिक जीवन के लिए बड़ी क्षति बताया है.

रांची से लौटने के बाद बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार बेनी प्रसाद गुप्ता पिछले तीन दिनों से रांची में थे. बुधवार सुबह वह रांची-भागलपुर वनांचल एक्सप्रेस ट्रेन से पाकुड़ रेलवे स्टेशन पहुंचे. भाजपा नेता एवं बरहरवा नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्यामल दास ने बताया कि घर पहुंचने के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. स्थिति गंभीर होने पर उनके निजी सहायक उन्हें तत्काल पाकुड़ सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.

दो बार रहे थे पाकुड़ के विधायक

बेनी प्रसाद गुप्ता भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे. उन्होंने वर्ष 1990 और 1995 में भाजपा के टिकट पर पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था. उस समय झारखंड राज्य का गठन नहीं हुआ था और पाकुड़ अविभाजित बिहार का हिस्सा था. विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाई थी.

सरल स्वभाव और जनसंपर्क के लिए थे प्रसिद्ध

राजनीतिक जीवन के साथ-साथ बेनी प्रसाद गुप्ता अपने मिलनसार और सहज स्वभाव के लिए भी जाने जाते थे. क्षेत्र के लोग उन्हें बेहद सम्मान की दृष्टि से देखते थे. उनके करीबी बताते हैं कि वह हमेशा आम लोगों के बीच रहते थे और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते थे. इसी कारण उन्हें पाकुड़ की राजनीति में एक लोकप्रिय जननेता माना जाता था.

अटल बिहारी वाजपेयी से की जाती थी तुलना

पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र में कई लोग उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली की तुलना भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से करते थे. उनके समर्थकों का मानना था कि वह सौम्य व्यवहार, सादगी और सर्वस्वीकार्य छवि के कारण अलग पहचान रखते थे. बेनी प्रसाद गुप्ता अविवाहित थे और उन्होंने अपना अधिकांश जीवन सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यों को समर्पित किया.

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गुरुवार को होगा अंतिम संस्कार

परिजनों और समर्थकों के अनुसार गुरुवार को धुलियान गंगा घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है. उनके निधन से पाकुड़ की राजनीति में एक ऐसा खालीपन पैदा हुआ है, जिसे लंबे समय तक महसूस किया जाएगा.

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लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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