अमड़ापाड़ा : अमड़ापाड़ा प्रखंड के वैष्णवी दुर्गामंदिर में वर्ष 2026 के दुर्गापूजा समारोह को भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति की ओर से मंदिर परिसर में महलनुमा भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है. बीते 20 अगस्त से रोजाना 20 से 25 कारीगर दिन-रात पंडाल निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं. आयोजन को लेकर समिति की ओर से पंडाल, विद्युत सज्जा, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
5500 वर्गफुट में बन रहा मुख्य पंडाल
पंडाल निर्माण की जिम्मेदारी भगत डेकोरेटर्स, अमड़ापाड़ा को दी गयी है. प्रोपराइटर उत्तम भगत ने बताया कि इस बार मुख्य पूजा पंडाल करीब 5500 वर्गफुट में तैयार किया जा रहा है. वहीं शिव-पार्वती मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए लगभग 3500 वर्गफुट का अतिरिक्त पंडाल बनाया जा रहा है. पंडाल निर्माण कार्य 20 अगस्त से शुरू किया गया है, जिसमें प्रतिदिन करीब 25 कारीगर जुटे हैं. पंडाल का निर्माण करीब 13 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है. षष्ठी पूजा तक मुख्य पंडाल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि संपूर्ण सजावट एवं अन्य कार्य आगामी 13 अक्टूबर तक पूरा करने की योजना है.
15 फीट ऊंची प्रतिमा होगी आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगी. पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध मूर्तिकार द्वारा करीब 15 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार की जा रही है. प्रतिदिन सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष संजीव कुमार उर्फ बबलू भगत समिति सदस्यों के साथ पंडाल निर्माण एवं अन्य तैयारियों का जायजा ले रहे हैं.
1924 में हुआ था मंदिर का निर्माण
अमड़ापाड़ा के वैष्णवी दुर्गामंदिर में इस वर्ष दुर्गापूजा का 102वां वर्ष मनाया जाएगा. समिति अध्यक्ष बबलू भगत ने बताया कि बांसलोई नदी के किनारे स्थित मां दुर्गा एवं शिव-पार्वती मंदिर का निर्माण अंग्रेजों के समय वर्ष 1924 में कराया गया था. उस समय मंदिर काफी छोटा था. समय के साथ मंदिर का विस्तार और निर्माण कार्य कराया जाता रहा है. हालांकि मंदिर का निर्माण कार्य अभी भी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है.
उन्होंने बताया कि वैष्णवी दुर्गामंदिर का निर्माण गुजरात-राजस्थान सीमा पर स्थित प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर की तर्ज पर कराने की योजना है. वर्ष 1924 से यहां प्रत्येक वर्ष मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती रही है.
आकर्षक विद्युत सज्जा से सजेगा अमड़ापाड़ा बाजार
इस बार दुर्गापूजा के दौरान अमड़ापाड़ा बाजार को भी आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा. पूजा पंडाल के अलावा मंदिर के आसपास, मुख्य सड़क के दोनों ओर तथा बाजार के विभिन्न स्थानों पर विद्युत सज्जा की जाएगी. विशाल लाइट गेट भी बनाए जाएंगे. विद्युत सज्जा के लिए चंदन नगर से विशेष टीम पहुंचेगी.
पूरे बाजार क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्र भी लगाया जाएगा, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को पूजा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी. समिति अध्यक्ष के अनुसार केवल पंडाल और विद्युत सज्जा पर करीब 18 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि दुर्गापूजा के पूरे आयोजन पर 35 लाख रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है.
16 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समिति विशेष तैयारी कर रही है. पंडाल, मंदिर के गर्भगृह और आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों पर कुल 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इससे पूजा के दौरान होने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सकेगी. इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पंडाल में अग्निशामक यंत्र की व्यवस्था की जाएगी.
यादगार आयोजन बनाने की तैयारी
सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष बबलू भगत ने कहा कि इस वर्ष 102वें वर्ष के आयोजन को यादगार बनाने के लिए समिति की ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है. पूजा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, आकर्षक पंडाल, विद्युत सज्जा और सुरक्षा व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी.
