मध्यस्थता के बाद दंपति ने साथ रहने का लिया निर्णय

पाकुड़. पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक के प्रयास से एक पारिवारिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान हो गया.

संवाददाता, पाकुड़. पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक के प्रयास से एक पारिवारिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान हो गया. कुटुंब न्यायालय में लंबित मूल भरण-पोषण वाद संख्या 40/2026 में दोनों पक्षों के बीच चल रहे मतभेद को मध्यस्थता और सुलह-समझौते के आधार पर समाप्त कराया गया. सुनवाई के दौरान पति-पत्नी ने आपसी सहमति से एक साथ रहने का निर्णय लिया. प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने दोनों को एक-दूसरे की भावनाओं को समझते हुए सौहार्दपूर्ण वातावरण में जीवनयापन करने की सलाह दी. समझौते के बाद दंपति ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी व्यक्त की. इसके बाद दोनों को हंसी-खुशी न्यायालय से विदा किया गया. समझौते को सफल बनाने में दोनों पक्षों के अधिवक्ता अब्बास अली और मोहन राय की महत्वपूर्ण भूमिका रही. मौके पर पैरा लीगल वॉलंटियर नीरज कुमार राउत मौजूद थे.

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