–वर्तमान में नाला में तब्दील हो चुका है सरोवर -वर्ष 1996 को पाकुड़ के तत्कालीन उपायुक्त आरएसबी सिंह ने लाखों की लागत से कराया था निर्माण-कभी प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता था सरोवरफोटो संख्या 9- गोविंद सरोवर के निकट उगी झाड़-जंगल व सरोवर में जमा कचड़ा. प्रतिनिधि, हिरणपुरप्रखंड मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोविंदपुर सरोवर प्रशासनिक उदासीनता का दंश झेल रहा है. जिले के तत्कालीन उपायुक्त आएसबी सिंह के प्रयास से बने सरोवर से स्थानीय लोग कभी पीने का पानी लाया करते थे. वर्तमान में यह सरोवर गंदा नाला का रूप ले लिया है. उक्त सरोवर गोविंदपुर गांव के पहाड़ी के गोद में स्थित है. जहां सालों भर पहाड़ी झरना से ताजा पानी बहता था. इस पानी का उपयोग स्थानीय लोग पेयजल के रूप में करते थे. कुछ वर्ष पूर्व प्रखंड के अलावा जिले भर के पर्यटक यहां छुट्टियां मनाने पहुंचते थे. जानकारी के अनुसार उक्त पहाड़ी झरना पर वर्ष 1996 को पाकुड़ के तत्कालीन उपायुक्त आरएसबी सिंह की नजर पड़ी. उन्होंने इस पहाड़ी झरने के पास लाखों रुपये की लागत से एक सुंदर तालाब का निर्माण कराया. साथ ही इसके समीप एक पार्क भी बनवाया था. निर्माण के कुछ वर्षों तक यहां पर प्रखंड सहित जिले के पर्यटक लुत्फ उठाने के लिए आया करते थे. लेकिन प्रशासन की उदासीन रवैया के कारण आज उक्त सरोवर गंदा तालाब में तब्दील हो चुका है और पार्क उजड़ कर चारागाह बन चुका है.
ओके::प्रशासनिक उदासीनता का दंश झेल रहा गोविंद सरोवर
–वर्तमान में नाला में तब्दील हो चुका है सरोवर -वर्ष 1996 को पाकुड़ के तत्कालीन उपायुक्त आरएसबी सिंह ने लाखों की लागत से कराया था निर्माण-कभी प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता था सरोवरफोटो संख्या 9- गोविंद सरोवर के निकट उगी झाड़-जंगल व सरोवर में जमा कचड़ा. प्रतिनिधि, हिरणपुरप्रखंड मुख्यालय से महज तीन […]
