पाकुड़. जिले के हिरणपुर प्रखंड अंतर्गत बाबूपुर पंचायत के पीपलजोड़िया गांव की रहने वाली जुवाना किस्कू आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं. कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली जुवाना ने अपनी मेहनत और योजनाओं के सही उपयोग से आत्मनिर्भरता की नयी मिसाल कायम की है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 से पहले उनका जीवन अभावों से घिरा था, लेकिन 16 मार्च 2021 को दुलाड़बाहा सखी मंडल से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया. समूह से जुड़कर उन्होंने बचत और ऋण के महत्व को समझा और आगे बढ़ने का संकल्प लिया. रिवॉल्विंग फंड के तहत 10,000 का ऋण लेकर उन्होंने सूकर पालन की शुरुआत की, जिससे उनकी आमदनी में धीरे-धीरे वृद्धि होने लगी. इसके बाद सामुदायिक निवेश कोष से 70,000 का ऋण लेकर उन्होंने व्यवसाय का विस्तार करते हुए किराना दुकान और मुर्गी पालन भी शुरू किया. आज जुवाना के पास 17-18 सूकर हैं, उनकी वार्षिक आय लगभग 1.5 से 2 लाख रुपये तक पहुंच गयी है. वे बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला रही हैं. सम्मानजनक जीवन जी रही हैं. जुवाना किस्कू अपनी सफलता का श्रेय सखी मंडल, जिला प्रशासन और जेएसएलपीएस को देती हैं.
सखी मंडल से जुड़ कर जुवाना किस्कू बनीं आत्मनिर्भर
10 हजार का ऋण लेकर की सूकर पालन कर परिवार का कर रही भरण-पोषण

सखी मंडल से जुड़ कर जुवाना किस्कू बनीं आत्मनिर्भर