हिमायल के उत्तरी ध्रुव से लेकर तिब्बत प्लेट के खिसकने के कारण भूकंप का झटका महसूस हुआ है. साहिबगंज कॉलेज के भूगर्भ शास्त्री डॉ रंजीत सिंह ने कहा कि भूकंप की तीव्रता स्थानीय स्तर पर 3.2 रही है. अगर ज्यादा तीव्र भूकंप रहता हो शायद यहां भी नेपाल व सिलीगुड़ी की तरह क्षति पहुंचती.
क्योंकि छह से ज्यादा गति की तीव्र भूकंप खतरनाक होता है. भूकंप पृथ्वी के अंदर ऊर्जा के संचार के कारण आता है. भूगर्भ में ऊर्जा का संचार होने पर उससे अणु व परमाणु आपस में टकराने के कारण धरती से ऊपर निकलने की कोशिश करती है. इससे भूकंप आता है.
