महेशपुर : कक्षा तीन, पांच व आठ में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के एचिवमेंट का फारमेटिक असेसमेंट के तहत 16 से 18 अगस्त तक मूल्यांकन किया जायेगा. मूल्यांकन कार्य सभी विद्यालयों में किया जायेगा. इस दौरान बच्चों के एचिवमेंट की विषय वार जानकारी ली जायेगी. यह जानकारी शनिवार को बीइइओ सह प्रखंड समन्वयक भरत कुमार […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
महेशपुर : कक्षा तीन, पांच व आठ में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के एचिवमेंट का फारमेटिक असेसमेंट के तहत 16 से 18 अगस्त तक मूल्यांकन किया जायेगा. मूल्यांकन कार्य सभी विद्यालयों में किया जायेगा. इस दौरान बच्चों के एचिवमेंट की विषय वार जानकारी ली जायेगी. यह जानकारी शनिवार को बीइइओ सह प्रखंड समन्वयक भरत कुमार ने दी.
बताया कि मूल्यांकन कार्य दो पालियों में, प्रथम पाली साढ़े आठ से साढ़े दस व द्वितीय पाली 11 बजे से दोपहर एक बजे तक की होगा. बताया कि प्रत्येक दो माह पर एफए-वन, दो माह के बाद एफए-टू व छह माह के बाद एसए-वन (सब फारमेटिक असेसमेंट) मूल्यांकन कार्य विद्यालय वार किया जाता है.
लंबित कार्य को पूरा करने का बीडीओ ने िदया निर्देश
जर्जर कमरों में रहने को विवश छात्र
सरकार राज्य में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा व छात्रों को अच्छी सुविधा देने का दावा करती है, पर हकीकत कुछ ओर है. कुमार कालीदास मेमोरियल कॉलेज के आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास संख्या एक के छात्र आज भी जर्जर कमरों में रहने को विवश हैं. लगातार तीन दिन से हो रही मूसलधार बारिश से जर्जर कमरों से पानी टपक रहा है. इससे छात्रों का कमरा में रखा सामान भींग रहा है. पूरा कमरा कीचड़मय हो गया है. छात्रावास के छात्रों को काफी परेशानी हो रही है. छात्रावास के खिड़की-दरवाजों की बात तो अलग है. छात्रावास की सभी कमरों की दिवारों में दरारें आ चुकी है. बावजूद न तो इस महाविद्यालय प्रशासन का ध्यान है और न ही जिला प्रशासन का. छात्रावास के कमरे इस कदर जर्जर हैं कि कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है. जर्जर कमरे में रह रहे छात्र हमेशा डर के साये में रह रहे हैं.
फटे हुए हैं सभी कमरों के फर्श : केकेएम कॉलेज के आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास संख्या एक के सभी कमरों के फर्श में दरारें पड़ गयी है. कमरों के फर्श टूट जाने से कमरों में चूहों ने भी अपना आशियाना बना लिया है. चूहे छात्रों के रखे सामानों को भी बरबाद कर रहे हैं. फर्श फटे रहने व चूहों के डर से छात्र अपना सामान बेड पर रखने को विवश हैं.
समस्या का समाधान नहीं, तो आंदोलन करेंगे छात्र
आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास में व्याप्त समस्याओं को लेकर छात्र जियोन मरांडी, शिव सोरेन, सोनाराम मुर्मू, मंडल मुर्मू, जगदीश किस्कू, बड़का मुर्मू, मानवेल किस्कू, संजय मरांडी, सोनू मरांडी, सुभाष मुर्मू आदि ने बताया कि छात्रावास की समस्याओं को लेकर कई बार महाविद्यालय प्रशासन व जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है. इस पर कोई पहल नहीं की गयी है. अगर जल्द छात्रावास की मरम्मत नहीं करायी गयी तो आंदोलन को विवश होंगे. वहीं मामले को लेकर कॉलेज के प्राचार्य डॉ अवध प्रसाद से संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु संपर्क नहीं हो सका.