कुड़ू प्रखंड में लकड़ी तस्करों का बोलबाला, वन विभाग बेखबर

कुड़ू प्रखंड में लकड़ी तस्करों का बोलबाला, वन विभाग बेखबर

कुड़ू़ प्रखंड क्षेत्र में लकड़ी तस्करों का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि वे दिन के उजाले में भी सरकारी, गैर मजरूवा और निजी जमीन पर लगे हरे-भरे पेड़ों को काटकर ट्रकों में भरकर ले जा रहे हैं. पिछले पांच माह में आधा दर्जन से अधिक स्थानों से तस्करों ने चार दर्जन से ज्यादा यूकेलिप्टस और अन्य पेड़ों की अवैध कटाई कर डाली. खास बात यह है कि इन मामलों में वन विभाग या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी. ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग पूरी तरह नाकाम और तस्करों के सामने नतमस्तक दिखायी दे रहा है. यही कारण है कि तस्करों में कानून का कोई भय नहीं रह गया है. टाटी नर्सरी के पास से तीन माह पहले दो विशालकाय यूकेलिप्टस पेड़ की चोरी कर ली गयी. बड़की चांपी के कुंदगढ़ा वन क्षेत्र से लगभग 50 पेड़ काटे गये. जिला प्रशासन तक लिखित शिकायत की गयी, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर मामले को दबा दिया गया. इसी तरह तान मध्य विद्यालय परिसर में 60 पेड़ों के काटने की अनुमति ली गयी, जबकि 120 पेड़ काट लिये गये. बंदुवा-दुबांग विद्यालय परिसर की आड़ में दो दर्जन पेड़ काट लिये गये. तीन दिन पहले टिको आइटीआइ परिसर से पांच पेड़ काटे गये, लेकिन ग्रामीणों की जागरूकता के कारण तस्कर अधिक पेड़ की चोरी नहीं कर पाये. बताया जाता है कि टाटी से चोरी किये गये पेड़ों के मामले में वन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की. ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय चुप्पी के कारण लकड़ी तस्करी का धंधा पूरे प्रखंड में धड़ल्ले से चल रहा है, जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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