नम्रता, क्षमा और प्रार्थना को हमें अपने जीवन में अपनाना चाहिए : डॉ सुरेश

नम्रता, क्षमा और प्रार्थना को हमें अपने जीवन में अपनाना चाहिए : डॉ सुरेश

लोहरदगा़ जिले के विभिन्न चर्चों और शैक्षणिक संस्थानों में रविवार को खजूर रविवार (पाम संडे) श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर ईसाई धर्मावलंबियों ने प्रभु यीशु के यरूशलेम प्रवेश की स्मृति में खजूर की डालियां लेकर शोभायात्रा निकाली. पत्राटोली स्थित सेंट स्टानिसलॉस स्कूल में आयोजित भव्य प्रार्थना सभा में मसीही समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. मानवता को दिया प्रेम और क्षमा का संदेश : कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ सुरेश ने कहा कि नम्रता, क्षमा और प्रार्थना को हमें अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए. उन्होंने प्रभु यीशु के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे उन्होंने अपने कष्टों और मृत्यु के माध्यम से पूरी मानवता को त्याग और निस्वार्थ सेवा का मार्ग दिखाया. श्रद्धालुओं ने दाऊद के पुत्र को होसन्ना! धन्य है वह जो प्रभु के नाम पर आते हैं के नारों के साथ प्रभु का स्मरण किया और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया. सुख-शांति के लिए मांगी दुआएं : इस पावन बेला पर लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामना दीं और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की. कार्यक्रम में डाॅ आइलीन, सिस्टर पुष्पा, सिस्टर दया, सिस्टर बसंती, सिस्टर विमला, सिस्टर एलेक्स, सिस्टर नीति, सिस्टर असरेन, सिस्टर आशा, सिस्टर स्वेता, सिस्टर सेरोफिना, सिस्टर ओडिल, सिस्टर मारिया सहित आमजन में संजय टोप्पो, डोमिनिक, अमृत, आशीष, अनिल, मॉरिस सहित अन्य लोग शामिल हुए. सभी ने प्रभु यीशु के बताये मार्ग पर चलने का संकल्प लिया.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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