वीरता बलिदान और गौरव का प्रतीक है विजय दिवस : विमलेश

प्रखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सेन्हा में विजय दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया.

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सेन्हा में विजय दिवस मनाया गया फोटो कार्यक्रम में भैया बहनों को सम्बोधित करते प्रधानाचार्य सेन्हा. प्रखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सेन्हा में विजय दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य विमलेश कुमार तिवारी ने मां भारती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर की। उन्होंने उपस्थित भैया-बहनों और आचार्य-आचार्याओं को संबोधित करते हुए कहा कि वीरता, बलिदान और गौरव ही भारतीय सैनिकों की पहचान है। उन्होंने 1971 के युद्ध की याद दिलाते हुए बताया कि 16 दिसंबर को भारत ने पाकिस्तान पर ऐतिहासिक विजय प्राप्त की थी। युद्ध की समाप्ति के बाद लगभग 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जो विश्व इतिहास की सबसे बड़ी सैन्य पराजयों में से एक है। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र रोहन कुमार और प्रियांशु कुमार साहू ने सैनिकों की वेशभूषा में वीरता का प्रदर्शन कर देश के वीर जवानों को नमन किया। कार्यक्रम की सफलता में वरिष्ठ आचार्या एवं कार्यक्रम प्रमुख प्रतिभा देवी का योगदान सराहनीय रहा। साथ ही अन्य आचार्य-आचार्याएं जैसे मीना देवी, संध्या कुमारी, जय प्रकाश सिंह, सुभाषिनी कुमारी, रिंकी कुमारी, संजना कुमारी, सोनाक्षी कुमारी और आनंद पांडेय भी उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन के माध्यम से वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान को याद करते हुए बच्चों में देशभक्ति की भावना को जागृत किया। विजय दिवस का यह उत्सव न केवल इतिहास का स्मरण था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम का संदेश देने का एक प्रेरणादायी प्रयास भी रहा।

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Published by: Vikash nath

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