सब्जियों के दाम में अप्रत्याशित वृद्धि से गृहिणियों का बजट गड़बड़ाया

सब्जियों के दाम में अप्रत्याशित वृद्धि से गृहिणियों का बजट गड़बड़ाया

लोहरदगा़ जिले में अतिवृष्टि से लोग परेशान हैं. माॅनसून की पहली बारिश समय से पहले होने के कारण खेतों में लगी सब्जियों को काफी नुकसान हुआ है. कई किसानों का फूलगोभी, पत्ता गोभी, मिर्च, कद्दू, शिमला मिर्च सहित अन्य सब्जी की फसल खेत में बर्बाद हो गये हैं. जिससे किसानों को काफी आर्थिक क्षति हुई है. लोहरदगा जिला कृषि प्रधान जिला होने के बावजूद अतिवृष्टि के कारण आम लोगों को भी सब्जी नहीं मिल पा रही है. कुछ खेतों में जो सब्जी बच गयी है, उसे इतने ऊंचे भाव में बेचा जा रहा है कि खरीदारों का पसीना छूट रहा है. जिले से सब्जी अन्य शहरों के अलावा कोलकाता तथा रायपुर रोजाना गाड़ियों से भेजा जाता था लेकिन सब्जी की खेती बर्बाद होने के कारण लोहरदगा में ही खरीदारों को सब्जी मिलना मुश्किल हो गया है. सब्जी के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण थाली का जायका खराब हो गया है. इससे सबसे ज्यादा परेशानी गृहिणियों को उठानी पड़ रही है. सब्जी की कीमत में बढ़ोतरी के बाद गृहिणियों को अपना किचन संभालने में परेशानी हो रही है़ महिलाओं ने सब्जी की दर में वृद्धि को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. गृहिणी अनीता देवी का कहना है कि सब्जी के दाम में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद थाली का जायका कम हो गया है. मनपसंद सब्जियां थाली में परोसने में परेशानी हो रही है. महंगाई के कारण सप्ताह भर चलने वाली राशि अब दो दिन में ही समाप्त हो रही है. इससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. सुमित्रा देवी का कहना है कि पहले एक हजार रुपये की सब्जी खरीदने में एक सप्ताह चलता था. लेकिन सब्जी के दाम में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद एक हजार रुपये में चार दिन का भी सब्जी नहीं हो पाता. सब्जी के दाम में वृद्धि के बाद थाली से सब्जियों की मात्रा घटने लगी है. इससे खाने में संतुष्टि नहीं मिल पा रही है. रंजू देवी का कहना है कि सब्जी के दाम में वृद्धि के बाद बच्चों को मनपसंद सब्जी देने में परेशानी हो रही है. सब्जी के दाम में वृद्धि का मुख्य कारण अतिवृष्टि है. जिससे खेतों में ही सब्जियां सड़ गईं हैं. खेत में सब्जी की खेती सड़ने के कारण बाजार में मनपसंद सब्जी नहीं मिल पा रहा है. ऊपर से सब्जी के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. सरिता देवी का कहना है कि सब्जी के दाम में वृद्धि से घरेलू बजट गड़बड़ा गया है. महंगाई के बावजूद सब्जी का ना मिलना और भी परेशानी का कारण हो गया है. बाजार में सब्जी मिल ही नहीं रही है. इससे घरेलू महिलाओं को नाश्ता, दोपहर का खान तथा रात के खाने में सब्जी बनाने के लिए सोचना पड़ रहा है. लोहरदगा के बाजार में सब्जियों की कीमत भिंडी 60 रुपये किलो मूली 30 रुपये किलो टमाटर 40 रुपये किलो बैंगन 40 रुपये किलो आलू 30 रुपये किलो परवल 40 रुपये किलो तुराई 60 रुपये किलो पत्ता गोभी 20 रुपये किलो फूल गोभी 40 रुपये किलो खेखसा 120 रुपये किलो शिमला मिर्च 160 रुपये किलो मछली साग 20 रुपये मुट्ठा करेला 60 रुपये किलो गाजर 40 रुपये किलो झिंगी 60 रुपये किलो कद्दू 40 रुपये किलो बोदी 20 रुपये किलो

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Published by: Shailesh ambashtha

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