लोहरदगा में आवारा कुत्तों के लिए नहीं है कोई व्यवस्था

लोहरदगा में आवारा कुत्तों के लिए नहीं है कोई व्यवस्था

लोहरदगा़ सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवारा कुत्तों और मवेशियों को लेकर जारी किये गये स्पष्ट निर्देशों के बावजूद लोहरदगा जिले में अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो पायी है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि नगर प्रशासन कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण, फीडिंग जोन निर्माण, आक्रामक कुत्तों को अलग रखने और शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस स्टैंडों जैसे सार्वजनिक स्थलों को सुरक्षित करने के लिए तुरंत कदम उठाये. साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को छोड़ने पर प्रतिबंध लगाने और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है. लेकिन जिले में स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है. अब तक नसबंदी और टीकाकरण की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गयी है. कुत्ते को पकड़ने की कोई व्यवस्था नहीं : आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए न कोई टीम है, न ही आवश्यक संसाधन. जिले में शेल्टर होम का निर्माण भी अभी तक शुरू नहीं हो पाया है. इस संबंध में नगर प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि वर्तमान में नसबंदी या कुत्ते पकड़ने की कोई व्यवस्था नगर परिषद के पास नहीं है. शेल्टर होम निर्माण के लिए जमीन का प्रस्ताव भेज दिया गया है. जैसे ही विभागीय निर्देश प्राप्त होंगे, कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी. लगातार बढ़ रही है आवारा कुत्तों की संख्या : इस बीच, नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है. दिन के समय बाजारों और रात में मोहल्लों में इनका झुंड देखना आम बात हो गयी है. लोग दहशत में हैं और छोटे बच्चों व बुजुर्गों के लिए सड़कों पर निकलना मुश्किल होता जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि शहर में आवारा कुत्तों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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