सेन्हा-लोहरदगा. प्रखंड मुख्यालय स्थित नवनिर्मित दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा के निमित आयोजित शत चंडी यज्ञ का आयोजन के दौरान यज्ञाचार्य प्रदीप मिश्रा ने कहा कि एक यज्ञ हजारों तीर्थ यात्रा के समान होता है. क्योंकि जब तक यज्ञ होता है.तब तक यज्ञ में 33 हजार देवी देवताओं का निवास रहता है. इस लिये यज्ञ के दौरान श्रद्धालु भक्तों को एक साथ 33 हजार देवी देवताओं का पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त होता है.जबकि तीर्थ यात्रा में एक साथ ऐसा संभव नहीं है.भगवती दुर्गा भगवान गणेशजी और राधाकृष्ण का प्राण प्रतिष्ठा होना है.जिस निमित शत चंडी महायज्ञ आयोजित हो रहा है.यज्ञाचार्य प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में शत चंडी महायज्ञ के चौथे दिन नंदकिशोर शुक्ला,अजय सोनी, अवधकिशोर साहू,शिवा महतो,राजकुमार साहू,मदन साहू, राजू साहू सहित अन्य यजमान भक्त सपत्नीक भक्ति भाव से यज्ञ किया गया. शत चंडी महायज्ञ और दुर्गा मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर श्रद्धालु भक्तों के हृदय में उमंग व भक्ति है.साथ ही प्रत्येक दिन संध्याकाल मे विष्णुचित्त महाराज के द्वारा श्रीमद्भागवत गीता महात्म्य का प्रवचन सुनाया जा रहा है.मौके पर अवनीश पाठक, हर्ष शास्त्री, अभिषेक मिश्रा, बिपुल शास्त्री, राजेश पाठक, विपिन शास्त्री सहित अन्य विद्वान आचार्य पुरोहित के अलावे अध्यक्ष जोधनरायण साहू, उपाध्यक्ष अजय साहू, संतोष महतो,बृजमोहन प्रसाद, केदारनाथ साहू,कमेश महतो,रविन्द्र शुक्ला सहित सैकड़ों भक्त महिला पुरुष मौजूद थे.
एक यज्ञ हजारों तीर्थ यात्रा के समान होता है : प्रदीप मिश्रा
प्रखंड मुख्यालय स्थित नवनिर्मित दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा के निमित आयोजित शत चंडी यज्ञ का आयोजन के दौरान यज्ञाचार्य प्रदीप मिश्रा ने कहा कि एक यज्ञ हजारों तीर्थ यात्रा के समान होता है
