लोहरदगा़ चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा लोहरदगा के तत्वावधान में यदुवीर धर्मशाला में भारतवर्ष के प्रथम चक्रवर्ती सम्राट मगध नरेश महाराज जरासंध की जयंती धूमधाम से मनायी गयी. कार्यक्रम की शुरुआत अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा ने महाराज जरासंध के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर की. इसके बाद समाज के वरिष्ठ सदस्यों और युवा साथियों ने भी उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की. कार्यक्रम का संचालन कार्यकारी अध्यक्ष परमेश्वर वर्मा ने किया. उन्होंने महाराज जरासंध की जीवनी और उनके आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि महाराज जरासंध ने हमेशा धर्म, न्याय और एकता का संदेश दिया. उन्होंने समाज के गौरवशाली इतिहास के साथ वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा की. हमें बच्चों को इतिहास और परंपराओं से अवगत कराना चाहिए : जिला अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा ने कहा कि चंद्रवंशियों का इतिहास अत्यंत गौरवपूर्ण रहा है, परंतु आज समाज उस दिशा में पीछे चला गया है. उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों को सिर्फ अच्छी शिक्षा ही नहीं, बल्कि अपने इतिहास और परंपराओं से भी अवगत कराना चाहिए. समाज तभी प्रगति करेगा जब सभी लोग मिलजुलकर, एक-दूसरे का सहयोग करते हुए आगे बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि आज जरूरत है आपसी मतभेदों को दूर कर एकजुटता और सहयोग की भावना से काम करने की. समाज के हर व्यक्ति की खुशहाली और विकास के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी. हमें आत्मविश्वास और एकता के बल पर अपने गौरवशाली अतीत को फिर से वर्तमान में स्थापित करना है. कार्यक्रम में चंद्रवंशी समाज के कई सदस्य उपस्थित थे. मौके पर प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष परमेश्वर वर्मा, युवा अध्यक्ष मनोरंजन वर्मा, जिला प्रवक्ता सागर वर्मा, रामू राम वर्मा, धनंजय वर्मा, सुबोध राम, गौतम वर्मा, सुनील वर्मा, सचिन राम आदि शामिल थे. सभी ने समाज की एकता, प्रगति और समृद्धि के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया और महाराज जरासंध की जयंती को प्रेरणा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया.
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