लोहरदगाः जिले के जैविक मॉडल गांव रोचो में विभिन्न राज्यों से जैविक खेती सीखने के लिए प्रदान की टीम के सदस्यों ने एक्सपोजर विजिट किया. इस दौरान प्रतिनिधियों ने गांव में जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीणों की आजीविका के बीच बने समन्वय को समझा.
ग्राम सभा और किसान संगठनों की भूमिका को समझा
विजिट के दौरान प्रतिनिधियों ने जाना कि गांव में विभिन्न संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर ग्राम सभा, पंचायतीराज संस्थाओं, सीबीओ और किसान संगठनों के सहयोग से जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. इनपुट और आउटपुट के स्तर पर भी ग्रामीणों को सहयोग मिल रहा है. टीम के सदस्यों ने क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न प्लॉट का भौतिक निरीक्षण किया. इस दौरान ग्रामीणों द्वारा जैविक खेती को लेकर अपने परिवार, गांव और पंचायत में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी ली गई.
ये भी पढ़ें- गुमला में SIR की समीक्षा, पात्र नागरिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं हो : के रवि कुमार
ये भी पढ़ें- विमला प्रधान के निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक, CM हेमंत सोरेन ने जताया दुख
रोचो मॉडल को अपने क्षेत्रों में लागू करने पर चर्चा
प्रतिनिधियों ने रोचो गांव में विकसित जैविक खेती के मॉडल को समझते हुए इस बात पर चर्चा की कि अपने-अपने क्षेत्रों में भी इसी तरह का मॉडल किस प्रकार विकसित किया जा सकता है. ग्रामीणों के प्रयासों को लोहरदगा जिले के किसानों को जैविक खेती की दिशा में आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया गया.
कई राज्यों से पहुंचे टीम लीडर
एक्सपोजर विजिट में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार सहित विभिन्न राज्यों से प्रदान की टीम के टीम लीडर शामिल हुए. विजिट के दौरान ग्राम पंचायत सलगी की मुखिया, सेनेम निरेम फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की बोर्ड मेंबर, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं प्रदान के कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
