बिना छात्रों के चल रहा स्कूल, पढ़ाये बिना शिक्षक उठा रहे वेतन

बिना छात्रों के चल रहा स्कूल, पढ़ाये बिना शिक्षक उठा रहे वेतन

किस्को़ विद्यालय का मूल उद्देश्य छात्रों को शिक्षा देना होता है, लेकिन किस्को प्रखंड का राजकीय मध्य विद्यालय बगड़ू हिल कई महीनों से बिना छात्रों के ही संचालित हो रहा है. यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था की जमीनी सच्चाई को उजागर करती है. मार्च तक इस विद्यालय में चार से पांच छात्र अध्ययनरत थे, लेकिन परीक्षा के बाद सभी छात्र विद्यालय छोड़ चुके हैं. इसके पीछे शिक्षकों की लापरवाही बतायी जा रही है. बगड़ू हिल के समीप एक प्राथमिक विद्यालय संचालित है, जहां से बच्चे पांचवीं कक्षा के बाद मेरले, नीचे बगड़ू सहित अन्य विद्यालयों में पढ़ने जाते हैं. इसके बावजूद मध्य विद्यालय बगड़ू हिल में बच्चों को रोकने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की दिशा में कोई प्रयास नहीं हो रहा है. बिना बच्चों के विद्यालय का संचालन क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक रामेश्वर भगत बिना पढ़ाये वेतन ले रहे हैं. जब विद्यालय में छात्र नहीं हैं, तो सरकार द्वारा दी जा रही शिक्षण की राशि का औचित्य ही खत्म हो जाता है. शिक्षकों का कहना है कि विद्यालय को जीवित रखने के लिए एक शिक्षक की उपस्थिति अनिवार्य है, लेकिन बच्चों की संख्या न बढ़ना यह दर्शाता है कि या तो शिक्षा की गुणवत्ता नहीं है या शिक्षक बच्चों को जोड़ने को लेकर गंभीर नहीं हैं. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि शिक्षक ऐसी स्वतंत्रता कहीं नहीं ले सकते कि बच्चों के बिना भी विद्यालय चलायें और वेतन प्राप्त करें. सरकार बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए कई अभियान चला रही है, लेकिन शिक्षक उसमें कोई रुचि नहीं ले रहे हैं. इस मामले में बीपीओ इंदू गुप्ता द्वारा जांच कर रिपोर्ट जिला को कार्रवाई के लिए भेजी जा चुकी है. बावजूद इसके अब तक कोई कार्रवाई नहीं होना विभाग की निष्क्रियता को उजागर करता है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि विद्यालय में छात्र नहीं हैं, तो ऐसे विद्यालय को बंद कर देना चाहिए और शिक्षकों की नियुक्ति अन्य जरूरतमंद विद्यालयों में की जानी चाहिए. लेकिन सारी जानकारी के बावजूद विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है.

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Published by: Shailesh ambashtha

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