लोहरदगा़ रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है. करीब तीन महीने के लंबे इंतजार के बाद शनिवार से इस मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन पुनः शुरू हो गया है. कोयल नदी रेलवे पुल के पिलर में आयी तकनीकी खराबी के कारण चार जनवरी से लोहरदगा तक रेल सेवा ठप थी. रेलवे ने मरम्मत कार्य के लिए 31 मार्च का लक्ष्य रखा था, लेकिन इसे समय से पहले पूरा कर लिया गया. विशेष ट्रेन से पहुंचे डीआरएम : रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणा निधि सिंह ने शनिवार को विशेष ट्रेन से पहुंचकर कोयल नदी पुल का गहन निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद अब यह रूट परिचालन के लिए पूरी तरह सुरक्षित है. उन्होंने यात्रियों से निर्भीक होकर यात्रा करने की अपील की. साथ ही बताया कि लोहरदगा स्टेशन का अमृत भारत योजना के तहत सुंदरीकरण किया गया है, जिसका जल्द ही भव्य उद्घाटन होगा. उन्होंने कहा कि आज से सभी ट्रेनों का परिचालन सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया है. डीआरएम ने जानकारी दी कि अब इस रूट से पहले की तरह सभी ट्रेनें चलेंगी़ साथ ही आनंद विहार (दिल्ली) तक जाने वाली ट्रेन का परिचालन भी लोहरदगा मार्ग से पुनः शुरू किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा. वहीं, रांची से मिडिया कर्मी भी पहुंचे थे. खुशी से झूमे यात्री, स्टेशन पर लौटी रौनक : रेल सेवा बहाल होने से खासकर रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों और व्यापारियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है. लंबे समय से बंद इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग के चालू होने से क्षेत्रीय आवागमन को बड़ी राहत मिली है. ट्रेन परिचालन शुरू होते ही स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है और लोगों के चेहरे पर संतोष साफ झलक रहा है. ट्रेनों का परिचालन शुरू होते ही सासाराम एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें पुल से गुजरीं, जिसे देखने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे थे. ट्रेन गुजरते ही लोगों ने तालियां बजाकर खुशी जाहिर की. आवागमन आसान और सस्ता हुआ : दैनिक यात्री रंजीत घोष ने बताया कि ट्रेन सेवा बंद रहने के दौरान उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. बस और अन्य साधनों से यात्रा करने में अधिक समय और खर्च लगता था. अब ट्रेन चालू होने से आवागमन आसान और सस्ता हो गया है. दैनिक यात्री अजय कुमार सिन्हा का कहना है कि ट्रेन सेवा शुरू होने से न केवल यात्रियों को राहत मिली है, बल्कि व्यापार और रोजगार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. छोटे दुकानदारों और ठेला संचालकों में भी उत्साह देखा जा रहा है. कुछ यात्रियों ने रेलवे प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि नियमित और समयबद्ध परिचालन सुनिश्चित किया जाये, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो. ट्रेन परिचालन शुरू होने से क्षेत्र में एक बार फिर रौनक लौटती नजर आ रही है और लोगों में उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में रेल सुविधाएं और बेहतर होंगी. फिर से वीरान हुआ ईरगांव रेलवे स्टेशन : ईरगांव रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर सन्नाटा पसर गया है. कुछ समय पहले तक जहां यात्रियों की आवाजाही और ट्रेनों की हलचल से स्टेशन गुलजार रहता था, वहीं अब स्टेशन लगभग वीरान नजर आ रहा है. पहले ट्रेन ईरगांव स्टेशन तक ही जाती थी जिसके कारण यहां यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती थी लेकिन अब ट्रेन परिचालन लोहरदगा तक होने के कारण स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में भारी कमी आयी है. इसका सीधा असर आसपास के छोटे व्यवसायियों और दुकानदारों पर भी पड़ रहा है, जिनकी रोजी-रोटी स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों पर निर्भर थी. ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे स्टेशन के सक्रिय रहने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलती थी. फिलहाल स्टेशन की सूनी पटरियां और खाली प्लेटफॉर्म क्षेत्र के लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. लोहरदगा होकर चलने वाली प्रमुख ट्रेनें : लोहरदगा हो कर तय समय पर चलेंगी ये ट्रेनें नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस (12454) रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (12453) चोपन-रांची एक्सप्रेस (18632) रांची–चोपन एक्सप्रेस (18631) सासाराम–रांची एक्सप्रेस(18636) रांची–सासाराम एक्सप्रेस (18635) सांतरागाछी–अजमेर एक्सप्रेस (08611) रांची–लोहरदगा मेमू (68017) लोहरदगा–रांची मेमू (68018) रांची–टोरी मेमू (68027) टोरी–रांची मेमू (68028) रांची–लोहरदगा मेमू (68039) लोहरदगा–रांची मेमू (68040) रांची–लोहरदगा मेमू (68037) लोहरदगा–रांची मेमू (68038) बिहार से चलने वाली समर स्पेशल ट्रेनों की परिचालन अवधि बढ़ा दी गयी है यह अब जून तक चलेगी़ विशेष सूचना : लोहरदगा-टोरी पैसेंजर स्पेशल (08111/12/13/14) का परिचालन 28 मार्च से बंद कर दिया गया है. वहीं, रेलवे द्वारा दी जा रही निःशुल्क बस सेवा भी 29 मार्च से समाप्त हो जायेगी.
84 दिन बाद रांची–लोहरदगा–टोरी रेल सेवा बहाल, यात्रियों में खुशी की लहर
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