लोहरदगा : कभी देशी शराब के निर्माण और बिक्री पर निर्भर रहने वाली कुडू प्रखंड के चिरी गांव की महिलाएं अब अपनी मेहनत से सम्मानजनक और स्थायी आजीविका खड़ी कर रही हैं. किसी ने नाश्ता दुकान, तो किसी ने किराना दुकान शुरू कर परिवार की आय बढ़ायी है. महिलाओं की बदली तस्वीर से प्रभावित अमेरिका स्थित लाइवलीहुड इम्पैक्ट फंड (एलआइएफ) का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को चिरी गांव पहुंचा और फूलो झानो आशीर्वाद अभियान (पीजेएए) के तहत संचालित आजीविका गतिविधियों का जायजा लिया.
एलआइएफ की प्रतिनिधि सामंथा कार्टर और क्रिस्टीना मेंडोजा मोरा ने लाभुक महिलाओं से सीधे संवाद कर उनके संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक के सफर को जाना. प्रतिनिधिमंडल ने पीजेएए लाभुक दीदियों की लघु समूह बैठक में भी हिस्सा लिया. बैठक का संचालन नवजीवन सखी ने किया.
ब्याज मुक्त ऋण से शुरू किया कारोबार
महिलाओं ने बताया कि पीजेएए के माध्यम से उन्हें ब्याज मुक्त ऋण के साथ आजीविका शुरू करने का अवसर मिला. सरस्वती कुमारी ने बताया कि उन्हें 20 हजार रुपये का ब्याज मुक्त ऋण मिला था. इससे उन्होंने गांव में नाश्ता दुकान शुरू की, जो अब परिवार की नियमित आय का जरिया बन गयी है.
वहीं, बबीता देवी ने 25 हजार रुपये के ब्याज मुक्त ऋण से किराना दुकान शुरू की. दुकान की आमदनी से वह परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं. दोनों महिलाओं ने कहा कि पीजेएए ने उन्हें आर्थिक मजबूती के साथ समाज में सम्मान और अपनी पहचान दी है.
आजीविका मॉडल की ली जानकारी
प्रतिनिधिमंडल ने लाभुक महिलाओं के घरों और उनकी आजीविका गतिविधियों का भी भ्रमण किया. इस दौरान नारी जागृति साथियों ने पीजेएए के तहत लाभुकों की पहचान, बेसलाइन सर्वे, आजीविका योजना तैयार करने, ब्याज मुक्त ऋण वितरण, सरकारी योजनाओं से जोड़ने तथा मोबाइल एप के माध्यम से निगरानी और अभिलेख संधारण की प्रक्रिया की जानकारी दी.
प्रतिनिधिमंडल ने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और उनके जीवन में आये सामाजिक-आर्थिक बदलाव की सराहना की. प्रतिनिधियों ने कहा कि पीजेएए ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के साथ आत्मनिर्भर, सम्मानित और आत्मविश्वासी बना रहा है.
