लोहरदगा. राज्य सरकार के निर्देश पर सभी सरकारी विद्यालयों में चार दिवसीय तृतीय विशेष अभिभावक–शिक्षक बैठक की शुरुआत हुई. इस अवसर पर राजकीयकृत कस्तूरबा बालिका मध्य विद्यालय, लोहरदगा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उपायुक्त डॉ. ताराचंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उपायुक्त ने कहा कि लोहरदगा जिला झारखंड में क्षेत्रफल और आबादी के हिसाब से सबसे छोटे जिलों में से एक है, लेकिन शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे जिले की दिशा और दशा तय हो सकती है. बिना शिक्षा के कोई भी कार्य संभव नहीं है. उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे विद्यालय में प्रतिदिन उपस्थित रहें और जो पढ़ाया जाता है उसका ज्ञान अवश्य ग्रहण करें. अभिभावकों से भी उन्होंने अनुरोध किया कि वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें. उन्होंने कहा कि बचपन सीखने की उम्र है. अभी से पढ़ाई का महत्व समझेंगे तो भविष्य में उसका लाभ मिलेगा. विद्यालयों में अधिक योग्य शिक्षक हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं से चुनकर आये हैं. विद्यालय प्रबंधन को चाहिए कि इनका बेहतर उपयोग कर भारत का भविष्य गढ़ें. हर युवा को चुनौतियों से लड़ने योग्य बनाना है और पढ़-लिखकर जागरूक नागरिक बनना है.
बैठक में छात्र नामांकन, नियमित उपस्थिति, विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण, पीएम-पोषण योजना, परीक्षाओं की तैयारी तथा रेल परीक्षा जैसे विषयों पर शिक्षकों और अभिभावकों के बीच सकारात्मक संवाद हुआ. इस बैठक का उद्देश्य विद्यालय और अभिभावकों के बीच समन्वय को मजबूत करना तथा विद्यार्थियों एवं विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना है. मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षक गण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
