पप्पू यादव पर हमले की सांसद सुखदेव भगत ने की कड़ी निंदा, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

सांसद सुखदेव भगत ने पूर्णिया में पप्पू यादव पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है.



Lohardaga News: पूर्णिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद पप्पू यादव पर हुए हमले की लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने कड़ी निंदा की है. उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की. सांसद ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी या डराने की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए.

हिंसा लोकतंत्र का रास्ता नहीं: सुखदेव भगत

सुखदेव भगत ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी विचार, बयान या राजनीतिक मत से असहमत है तो उसका जवाब हिंसा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद और स्वस्थ बहस के माध्यम से दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में विचारों के मतभेद को हिंसात्मक तरीके से दबाने की प्रवृत्ति बढ़ती दिखाई दे रही है, जो किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि असहमति लोकतंत्र की आत्मा है और हर नागरिक को संविधान द्वारा अपनी बात रखने का अधिकार दिया गया है. ऐसे में किसी व्यक्ति को हिंसा या भय के जरिए चुप कराने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है.

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा जरूरी

सांसद ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी बात सार्वजनिक रूप से रख रहा है और उससे किसी को आपत्ति है, तो उसका समाधान संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भारतीय संविधान का मूल अधिकार है और इसकी रक्षा करना सरकार तथा समाज दोनों की जिम्मेदारी है. सुखदेव भगत ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती विचारों के आदान-प्रदान, सहिष्णुता और असहमति के सम्मान में निहित है. यदि समाज में संवाद की जगह हिंसा ले लेती है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरे का संकेत है.

सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग

लोहरदगा सांसद ने केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकार से इस पूरे मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की. उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों की पहचान की जाए तथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में यदि समय पर सख्त कार्रवाई नहीं होती है तो इससे गलत संदेश जाता है और लोकतांत्रिक संस्थाओं में लोगों का विश्वास कमजोर हो सकता है. कानून का राज कायम रखने के लिए दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए.

लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील

सुखदेव भगत ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन उनका समाधान हिंसा या टकराव नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और दूसरे की बात सुनने का समान अधिकार है. असहमति को संवाद, बहस और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से व्यक्त करना ही लोकतांत्रिक संस्कृति की पहचान है.

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लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है सहिष्णुता

सांसद ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विचारों की विविधता, सहिष्णुता और परस्पर सम्मान पर आधारित व्यवस्था है. यदि लोग एक-दूसरे के विचारों को सुनने और समझने की बजाय हिंसा का सहारा लेने लगेंगे तो लोकतंत्र की नींव कमजोर होगी. उन्होंने विश्वास जताया कि जांच एजेंसियां पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेंगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी. साथ ही उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी नागरिकों को संवैधानिक दायित्वों का पालन करना चाहिए.

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लेखक के बारे में

By गोपी कृष्ण

गोपी कृष्ण वर्तमान में ब्यूरो प्रमुख हैं. समाज में व्याप्त समस्याओं, भ्रष्टाचार, अंधविश्वास, महिला उत्पीड़न, पलायन को लेकर काम में रूचि है. बहुत काम किया है.

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