..मनरेगा कर्मियों को तीन माह से नहीं मिली पगार, राशन देने से दुकानदार कर रहें इंकार, परेशान कर्मी,

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत अनुबंध पर कार्यरत 20 कर्मियों को पिछले तीन माह से मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है.

फोटो . प्रखंड सह अंचल कार्यालय कुड़ू कुड़ू. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत अनुबंध पर कार्यरत 20 कर्मियों को पिछले तीन माह से मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है. तीन माह का मानदेय भुगतान नहीं होने के कारण कर्मियों के समक्ष विकट समस्या उत्पन्न हो गयी है. कर्मियों को दुकानदार राशन देने से इंकार कर रहे हैं. कर्मी आखिर मानदेय भुगतान के लिए कहां गुहार लगायें, जिससे कर्मियों का मानदेय भुगतान हो जायें कर्मी समझ नहीं पा रहे हैं. बताया जाता है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत मनरेगा से संचालित विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने, विकास योजनाओं को अमली जामा पहनाने तथा मजदूरों को रोजगार दिलाने से लेकर मानव दिवस सृजित करने तथा ससमय मजदूरों को मजदूरी भुगतान कराने को लेकर अनुबंध पर मनरेगा कर्मियों की नियुक्ति की गयी है. कुड़ू प्रखंड में लगभग 20 मनरेगा कर्मी विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं तथा काम कर रहे हैं. पिछले फरवरी माह से अप्रैल तक का मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है. 20 कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है प्रखंड के 14 पंचायतों में मनरेगा से संचालित विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाने को लेकर 20 कर्मियों की प्रतिनियुक्ति मनरेगा में अनुबंध के तहत की गयी है, इसमें मनरेगा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी नितलेन्द्र कुमार सहायक अभियंता विशाल मिंज. कनीय अभियंता मो आसिफ तथा अजय कच्छप लेखा सहायक सुमति कुमारी कम्प्यूटर आपरेटर मुकेश कुमार यादव रोजगार सेवक सुदर्शन भगत, श्रीवास्तव भगत,मो० असदुल्ला, मो समसुल, रजनी लकड़ा, रजनी कुमारी, लक्ष्मण उरांव, संदीप कुमार यादव, मुकेश कुमार, नुतन टोप्पो, दिनोज राम, रूपांजलि कुमारी, सुकरा धान तथा ममता कुमारी कार्यरत हैं.

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By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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