लोहरदगा-रांची मेमू ट्रेन बनी यात्रियों की ‘लाइफलाइन’, भीड़ और अव्यवस्था से बढ़ी परेशानी

लोहरदगा-रांची मेमू ट्रेन बनी यात्रियों की ‘लाइफलाइन’, भीड़ और अव्यवस्था से बढ़ी परेशानी

लोहरदगा़ रांची-लोहरदगा मेमू ट्रेन में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है. आठ बोगियों वाली इस ट्रेन में क्षमता से अधिक यात्री सफर करते हैं. भीड़-भाड़ के कारण लोगों को खड़े-खड़े यात्रा करनी पड़ती है. खासकर रांची से लोहरदगा तक अधिकांश यात्री सीट के बजाय खड़े होकर सफर करने को विवश होते हैं. यात्रियों की शिकायत है कि ट्रेन में बिना टिकट सवारियों की संख्या काफी होती है जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा है. वहीं, गंदगी और अव्यवस्था के कारण भी लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ती है. बोगियों में बैठने की सीट को लेकर अक्सर झगड़े की नौबत आ जाती है. रांची-लोहरदगा के बीच यह ट्रेन रोजाना चार चक्कर लगाती है और एक बार टोरी तक भी जाती है. टोरी तक पहुंचने वाली इस ट्रेन में डाल्टनगंज, गढ़वा और लातेहार के यात्री भी सफर करते हैं जिससे भीड़ और बढ़ जाती है. ट्रेन का समय और किराया : आरएल 1 ट्रेन सुबह 5:15 बजे रांची से खुलती है. आरएल 2 सुबह 7:15 बजे लोहरदगा से रांची जाती है. आरएल 3 सुबह 8:55 बजे रांची से टोरी तक जाती है और आरएल 4 दोपहर 1:10 बजे टोरी से लौटती है. इसके अलावा आरएल 5 दोपहर 2:55 बजे रांची से, आरएल 6 शाम 4:45 बजे लोहरदगा से, आरएल 7 शाम 6:15 बजे रांची से और आरएल 8 रात 8:30 बजे लोहरदगा से रांची के लिए चलती है. रांची से लोहरदगा का किराया मात्र 20 रुपये है जो यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा है. बढ़ती समस्याएं और लापरवाही : कई बार यात्रियों और जनप्रतिनिधियों ने ट्रेन में बोगियों की संख्या बढ़ाने की मांग की है. डीआरयूसीसी सदस्य राजेश रुद्रा ने 25 अप्रैल 2025 को हुई बैठक में डीआरएम से इस विषय पर चर्चा भी की थी. आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. राजेश रुद्रा ने यहां की अन्य कई समस्याओं को भी बैठक में रखा था. जेबकतरे भी सक्रिय : भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरे सक्रिय हो जाते हैं इससे महिला यात्रियों की परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है. लोहरदगा स्टेशन की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है. यहां साफ-सफाई का अभाव है. अमृत भारत योजना के तहत निर्माण कार्य तो चल रहा है लेकिन उसकी गुणवत्ता बेहद खराब बतायी जा रही है. जीवनरेखा बनी यह ट्रेन : इस ट्रेन से लोहरदगा के काफी संख्या में मजदूर रोज रांची आना-जाना करते हैं. छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए और आम लोग खरीदारी के लिए इसका उपयोग करते हैं. यही कारण है कि यह ट्रेन इस क्षेत्र के लोगों की लाइफलाइन बन चुकी है. यात्रियों की परेशानी का निदान किया जायेगा : सांसद : सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि यात्रियों को हो रही परेशानी का निदान किया जायेगा. यदि डीआरएम स्तर पर समस्या हल नहीं हुई तो वे रेल मंत्री से भी मिलेंगे. उन्होंने कहा कि यह ट्रेन मजदूर वर्ग की जीवनरेखा है और इसमें सुधार के लिए ठोस कदम उठाये जायेंगे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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