वर्षों से खराब चापाकलों और जलमीनार की कमी

हरिजन मुहल्ला में रहने वाले लगभग 300 परिवार आज भी पेयजल संकट और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं.

परहेपाठ. परहेपाठ पंचायत अंतर्गत जनवल हरिजन मुहल्ला में रहने वाले लगभग 300 परिवार आज भी पेयजल संकट और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं. गांव में वर्षों से अधिकतर चापाकल खराब पड़े हैं और जलमीनार की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है. प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मड्वारी राम, दिलीप राम, लगैन देवी, धनी उरांव, रंथी उरांव समेत दर्जनों लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं. उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों और प्रखंड प्रशासन को कई बार आवेदन दिया, लेकिन अब तक न कोई सुधार हुआ, न ही किसी अधिकारी ने गंभीरता से कदम उठाया. ग्रामीणों का कहना है कि नाली की व्यवस्था नहीं होने के कारण घरों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है, जिससे गंदगी फैलती है और बरसात के दिनों में हालत और भी बदतर हो जाती है. दुर्गंध, कचरा और मच्छरों के कारण लोग लगातार बीमारियों के खतरे में जी रहे हैं, ग्रामीणों ने कहा कि अब जनप्रतिनिधियों से विश्वास उठता जा रहा है. लोगों का आरोप है कि यहाँ विकास के नाम पर सिर्फ लूट और दिखावा है, हकीकत में कुछ नहीं बदला. प्रशासन की निष्क्रियता और नेताओं की उदासीनता को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द सभी खराब चापाकल की मरम्मती, जलमीनार की स्थापना, और नाली निर्माण कराया जाए ताकि उन्हें पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत मिल सके.

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Published by: Anuj singh

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