डंपिंग यार्ड में मजदूर की मौत, मुआवजा को लेकर इंटक ने जतायी नाराजगी

डंपिंग यार्ड में मजदूर की मौत, मुआवजा को लेकर इंटक ने जतायी नाराजगी

लोहरदगा़ हिंडाल्को द्वारा संचालित हेसल डंपिंग यार्ड में बुधवार को कार्य के दौरान मजदूर बिंदेश्वर लोहरा की मौत हो गयी. घटना के 24 घंटे बाद भी शव यार्ड में ही पड़ा रहा और परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए कंपनी की ओर से कोई पहल नहीं की गयी. इसकी सूचना मिलते ही इंटक के जिलाध्यक्ष आलोक कुमार साहू गुरुवार को डंपिंग यार्ड पहुंचे और मृतक के प्रति संवेदना प्रकट की. बुनियादी सुविधाओं का अभाव, शोषण का आरोप : मौके पर उपस्थित मजदूरों ने बताया कि डंपिंग यार्ड में शेड, पेयजल, शौचालय और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. मजदूरों को हेलमेट, ग्लव्स और गुड़ जैसी आवश्यक चीजें भी उपलब्ध नहीं करायी जाती हैं. आलोक साहू ने कहा कि मजदूरों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. 24 घंटे बाद भी शव का पड़ा रहना मानवता को शर्मसार करने वाला है. उन्होंने हिंडाल्को प्रबंधन पर तानाशाही का आरोप लगाया. डीसी ने कहा, नहीं माना प्रबंधन तो दर्ज होगी प्राथमिकी : श्री साहू ने कार्यस्थल से ही उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी और श्रम अधिकारी से दूरभाष पर वार्ता की. उन्होंने अविलंब उचित मुआवजा दिलाने की मांग की. वार्ता के दौरान उपायुक्त ने बताया कि हिंडाल्को अपनी हठधर्मिता की सीमाएं पार कर रहा है. यदि प्रबंधन मामले का शीघ्र निपटारा नहीं करता है, तो कंपनी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. इंटक अध्यक्ष ने कहा कि रामनवमी के बाद यूनियन मजदूरों की समस्याओं को लेकर बड़ा आंदोलन करेगी. मौके पर कांग्रेस नेता रफीक अंसारी समेत काफी संख्या में मजदूर मौजूद थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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