डंपिंग यार्ड में मजदूर की मौत के बाद भारी आक्रोश, सुरक्षा पर उठे सवाल

डंपिंग यार्ड में मजदूर की मौत के बाद भारी आक्रोश, सुरक्षा पर उठे सवाल

लोहरदगा़ हेसल स्थित बॉक्साइट डंपिंग यार्ड में मजदूर बिंदेश्वर लोहरा की मौत के बाद हड़कंप मच गया है. इस घटना ने हिंडाल्को और कार्य का जिम्मा संभाल रही बीकेबी कंपनी के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है. आक्रोशित मजदूरों का आरोप है कि प्रतिदिन लगभग 650 ट्रकों की आवाजाही वाले इस यार्ड में फर्स्ट एड बॉक्स, पेयजल और शेड जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं. माइंस सेफ्टी के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है. कंपनी की संवेदनहीनता पर उठे सवाल : सुविधाओं के बाबत पूछे जाने पर बीकेबी कंपनी के अधिकारी संजय ने केवल अपने स्थाई कर्मचारियों को लाभ देने की बात कही, जबकि दिहाड़ी मजदूरों के प्रति संवेदनहीन रवैया अपनाया. मजदूरों ने आरोप लगाया कि कठिन परिस्थितियों में उनसे काम तो लिया जाता है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम धरातल पर शून्य हैं. यूनियन के नाम पर प्रति ट्रक वसूली : मजदूरों ने खुलासा किया कि पिछले पांच वर्षों से इंटक यूनियन के नाम पर प्रति ट्रक 10 रुपये की सहयोग राशि वसूली जा रही है. वसूली करने वाले मुस्तफा खलीफा ने स्वयं को अध्यक्ष बताते हुए कहा कि यह राशि व्यवस्था संचालन को लेकर लड़कों में बांट दी जाती है. इधर, मजदूरों का कहना है कि लाखों की वसूली के बावजूद यूनियन ने उनके हित में कोई कार्य नहीं किया, जिससे उनके बीच भारी रोष है.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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