लोहरदगा. राज्य परियोजना निदेशक, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद रांची के निर्देश के आलोक में जिला स्तरीय खेलो झारखंड 2026-27 प्रतियोगिता मंगलवार से डाइट चिरी मैदान में शुरू हुई. दो दिवसीय प्रतियोगिता का आयोजन 15 और 16 सितंबर को किया जा रहा है. पहले दिन जिले के सभी प्रखंडों में प्रखंड स्तर पर विजेता रही टीमों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.
प्रतियोगिता के प्रथम दिन अंडर-17 बालक एवं बालिका वर्ग में फुटबॉल, वॉलीबाल, कबड्डी और खो-खो की विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गईं. बुधवार 16 सितंबर को अंडर-17 बालक एवं बालिका वर्ग में एथलेटिक्स की विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी.
दीप प्रज्वलित कर किया गया उद्घाटन
प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद रांची धीरसेन सोरेंग, जीईपीसी खेल कोषांग के सदस्य चंद्रदेव सिंह, अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी सीमा लकड़ा, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी एमलीन सुरीन, क्षेत्र प्रबंधक आकाश कुमार एवं शारीरिक शिक्षक उपस्थित थे.
विद्यालय स्तर की प्रतिभाओं को मिल रहा मंच : धीरसेन सोरेंग
मौके पर राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन सोरेंग ने कहा कि खेलो झारखंड के माध्यम से विद्यालय स्तर तक छिपी प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है. इससे बच्चों में खेल के प्रति जागरूकता बढ़ी है. स्कूली शिक्षा विभाग के प्रयासों से खेलो झारखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है. झारखंड के बच्चे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. आने वाले समय में झारखंड को विभिन्न खेलों की नर्सरी के रूप में पहचान मिलेगी.
अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी सीमा लकड़ा ने कहा कि लोहरदगा के प्रतिभाशाली बच्चे विभिन्न खेल स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन कर राज्य स्तर पर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं. जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक चयनित होकर लोहरदगा की पहचान मजबूत कर रहे हैं. उन्होंने सभी विजेता टीमों को जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की ओर से शुभकामनाएं दीं.
शारीरिक शिक्षकों और रेफरियों ने किया सहयोग
प्रतियोगिता के सफल संचालन में मोनिदीपा बनर्जी, आकाश कुमार, पंकज कुमार, संजय उरांव, रंजू साहू, रामरति प्रजापति, रंजीत मिश्रा, जीतेंद्र मित्तल, ज्ञान प्रकाश कुजूर, रश्मि खेश, सारू उरांव, तबारक अंसारी, विपिन किशोर लकड़ा, विशाल संदीप कुजूर, मोहित मुकेश सहित जिले के शारीरिक शिक्षकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया. फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो एवं वॉलीबाल रेफरी संघ के रेफरियों ने भी प्रतियोगिता के सफल संचालन में सहयोग किया.
