लोहरदगा़ जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) और ग्राम नियोजन केंद्र के संयुक्त तत्वाधान में व्यवहार न्यायालय परिसर में भूमि साक्षरता विषय पर एक दिवसीय रिफ्रेशर ट्रेनिंग आयोजित की गयी. कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) सह डालसा अध्यक्ष राजकमल मिश्रा, डालसा सचिव राजेश कुमार और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. पैतृक संपत्ति ही आती है संकट में काम : संबोधित करते हुए पीडीजे राजकमल मिश्रा ने कहा कि झारखंड की अर्थव्यवस्था और जीवन मुख्य रूप से भूमि व जंगल पर टिकी है. उन्होंने पैतृक संपत्ति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में यही संपत्ति परिवार को सुरक्षा प्रदान करती है. उन्होंने पीएलवी (विधिक स्वयंसेवक) को अपने क्षेत्रों में जमीन संबंधी विवादों के प्रति लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया. डालसा सचिव राजेश कुमार ने कहा कि आगामी कार्यक्रमों में भू-राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी जोड़ा जायेगा ताकि तकनीकी जानकारियां साझा की जा सकें. जमीन खरीद-बिक्री की बारीकियों पर चर्चा : प्रशिक्षण के दौरान जीएनके फील्ड मैनेजर इश्तियाक अहमद ने सीएनटी / एसपीटी एक्ट, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), पंजी-2 और निबंधन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने जमीन खरीदने से पूर्व दस्तावेजों की सत्यता जांचने पर विशेष जोर दिया. कार्यक्रम के अंत में पीएलवी के बीच बिरसा मुंडा और वीर बुधु भगत ग्रुप बनाकर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया. मौके पर डिप्टी चीफ उमेश कुमार सहित काफ संख्या में पीएलवी उपस्थित थे.
भूमि और जंगल पर निर्भर है झारखंड का जीवन : पीडीजे
भूमि और जंगल पर निर्भर है झारखंड का जीवन : पीडीजे
