रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं, यह जीवन बचाने का है पुण्य कार्य : डॉ ताराचंद

रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं, यह जीवन बचाने का है पुण्य कार्य : डॉ ताराचंद

लोहरदगा़ समाहरणालय सभाकक्ष में विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों, हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर और रक्तदाताओं के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त डॉ ताराचंद ने कहा कि रक्तदान महादान है, क्योंकि यह सीधे तौर पर किसी को नया जीवन देता है. उन्होंने मिथकों को दूर करते हुए कहा कि रक्तदान से शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि रक्त कोशिकाएं स्वयं को रिप्लेस करते रहती हैं. दुर्घटना और प्रसव के समय रक्त की सर्वाधिक जरूरत : उपायुक्त ने जोर देकर कहा कि सड़क दुर्घटनाओं, प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं और थैलेसीमिया मरीजों को रक्त की सबसे अधिक आवश्यकता पड़ती है. ब्लड बैंक में निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित शिविरों का आयोजन जरूरी है. एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 5-6 लीटर रक्त होता है, जिसमें से मात्र 350 मिली (एक यूनिट) दान करने से शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता. 35 विद्यालयों के आरोग्य दूत हुए पुरस्कृत : समारोह में 35 विद्यालयों के दो-दो स्वास्थ्य आरोग्य दूतों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया. साथ ही, रक्तदान शिविर आयोजित करने वाली संस्थाओं और नियमित रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र दिये गये. मौके पर डालसा सचिव राजेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ राजू कच्छप और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित काफी संख्या में रक्तदाता व स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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