इंदिरा गांधी का जीवन राष्ट्रहित, दृढ़ नेतृत्व और अदम्य साहस से परिपूर्ण था

इंदिरा गांधी का जीवन राष्ट्रहित, दृढ़ नेतृत्व और अदम्य साहस से परिपूर्ण था

लोहरदगा़ जिला कांग्रेस कमेटी लोहरदगा के तत्वावधान में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गांधी की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इंदिरा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष मोहन दुबे ने कहा कि इंदिरा गांधी का जीवन राष्ट्रहित, दृढ़ नेतृत्व और अदम्य साहस से परिपूर्ण था. हरित क्रांति के माध्यम से उन्होंने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया और किसानों को नयी शक्ति दी. 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में उनका निर्णायक नेतृत्व भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को मजबूत करने वाला था. उन्होंने गरीब और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियां लागू कीं. अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष मोजम्मिल अंसारी ने कहा कि इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की पहचान को मजबूत किया. उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, कृषि और विकास से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णय लिये. उनका संघर्ष, त्याग और दूरदर्शिता आज भी प्रेरणास्रोत है. वक्ताओं ने इंदिरा गांधी की राजनीतिक यात्रा, नेतृत्व क्षमता और जनकल्याणकारी नीतियों पर प्रकाश डालते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया. कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनता की आवाज को मजबूत करने के लिए इंदिरा गांधी के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं. मौके पर जिला उपाध्यक्ष मोहन दुबे, प्रदेश महासचिव हाजी सिकंदर अंसारी, प्रदेश सचिव सवारत हुसैन, वरिष्ठ कांग्रेसी यासीन अंसारी, मुनीम अंसारी, जिला उपाध्यक्ष कमरुल इस्लाम, महासचिव सनाउल्लाह अंसारी, प्रखंड अध्यक्ष असलम अंसारी सहित अन्य मौजूद थे.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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