लोहरदगा में धड़ल्ले से हो रहा अवैध बालू खनन, प्रशासन मौन

लोहरदगा में धड़ल्ले से हो रहा अवैध बालू खनन, प्रशासन मौन

लोहरदगा़ बॉक्साइट नगरी के रूप में विख्यात लोहरदगा जिला आजकल अवैध बालू खनन और परिवहन को लेकर सुर्खियों में है. सेन्हा थाना क्षेत्र के मेढ़ो नदी सहित अन्य नदियों से खुलेआम बालू का अवैध खनन कर शहर में बेचा जा रहा है, लेकिन रोकथाम की कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिख रही है. रात 11 बजे से सुबह सात बजे तक सैकड़ों ट्रैक्टर धड़ल्ले से बालू ढोये जाते हैं. इन ट्रैक्टरों की तेज रफ्तार और कर्कश आवाज से लोगों की नींद हराम हो रही है. कई बार स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत खनन विभाग और पुलिस प्रशासन से की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. सेन्हा थाना क्षेत्र में बालू की लूट मानो खुली छूट की तरह चल रही है. पहले यह काम सिर्फ रात में होता था, लेकिन अब दिन के उजाले में भी बेखौफ ढुलाई की जा रही है. इससे एनजीटी के आदेश की धज्जियां उड़ रही हैं. कभी-कभार किसी ट्रैक्टर को जब्त कर थाना में खड़ा कर दिया जाता है और सोशल मीडिया में इसे बड़ी उपलब्धि बताकर वाहवाही लूट ली जाती है. वहीं अधिकारी बैठकों में जीरो टॉलरेंस की बात जरूर करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है. लोहरदगा में 40 दिनों से रजिस्ट्री कार्य बंद लोहरदगा़. अवर निबंधन कार्यालय में पिछले 40 दिनों से जमीन रजिस्ट्री का काम ठप है. इससे जमीन से जुड़े कारोबारी और आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है. सूत्रों के अनुसार चेकलिस्ट के तहत कागजात निकालने में भी लोगों को कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है. वहीं, अंचल कार्यालय में एलपीसी के नाम पर मोटी रकम वसूली की शिकायत है. इसी के विरोध में डीड राइटर लगातार 40 दिनों से हड़ताल पर हैं.

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