भारतीय संस्कृति में गुरु का विशेष स्थान है : राजेंद्र खत्री

भारतीय संस्कृति में गुरु का विशेष स्थान है : राजेंद्र खत्री

लोहरदगा़ जिले में गुरुवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भाजपा नगर मंडल की ओर से नगर में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अगुवाई नगर अध्यक्ष सचिन कुमार साहू और नगर उपाध्यक्ष अशोक कास्यकार ने की. इस दौरान विभिन्न धार्मिक संगठनों के समाजसेवियों, वरिष्ठ नागरिकों और श्रेष्ठ मार्गदर्शकों को सम्मानित किया गया. गुरु पूर्णिमा पर अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष बिंदेश्वर उरांव को समाज के प्रति उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया. मौके पर समाजसेवी राजेंद्र खत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु-शिष्य परंपरा, आध्यात्मिकता, शिक्षा, सामाजिक समरसता और ज्योतिषीय आस्था का संगम है. आषाढ़ माह की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है. भारतीय संस्कृति में गुरु का विशेष स्थान है, जो व्यक्ति को जीवन में सही दिशा प्रदान करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, जिन्होंने मानव जाति को चारों वेदों का ज्ञान दिया. इसलिए उन्हें प्रथम गुरु की उपाधि दी गयी है. इसी उपलक्ष्य में यह पर्व मनाया जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व होता है. समारोह में पुजारी उत्तम शास्त्री, मंदिर अध्यक्ष रमेश साहू, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत प्रवर्तन प्रमुख अनिल कुमार गुप्ता, समाजसेवी राजेश अग्रवाल, कृपाशंकर सिंह, शिव शंकर सिंह, जुगल विनायक, डॉ. टी साहू, अशोक पोद्दार, पवन पोद्दार, चंदन गोयल, नवीन पटेल, नवल किशोर अग्रवाल, अमीरचंद अग्रवाल, कैलाश साहू, चंदन गोप और अमित अग्रवाल समेत कई अन्य को सम्मानित किया गया.

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Published by: Shailesh ambashtha

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