ग्राम सभा कोर्ट कचहरी का ताकत देती है : निशा उरांव

ग्राम सभा कोर्ट कचहरी का ताकत देती है : निशा उरांव

लोहरदगा़ रूढ़िजन्य जनजाति द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती तथा झारखंड राज्य स्थापना सह राष्ट्रीय सरना धर्म महासम्मेलन कचहरी मोड़ दरहा देशवली स्थल कुटमू में मनाया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन लोहरदगा विधायक डॉ रामेश्वर उरांव, झारखंड राज्य के पूर्व पंचायती राज विभाग निदेशक सह रांची आयकर आयुक्त निशा उरांव, महाराष्ट्र से प्रेम कुमार गोड़ाम, ओडिशा से बालकृष्ण उरांव, मुकेश विरूवा, नीरज मुंडा, रांची से राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के गैना कच्छप, लोहरदगा राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा जिला समिति के जालेश्वर, सोमदेव, सोमे, सुधू, मंगलदास, कृष्ण, नूतन, सुखेंद्र, जयंती, प्रमिला, बंसती, कांति, सुधीर ने बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया. डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि रांची में मात्र 23% आदिवासी बचे हैं. आदिवासियों की जमीन तेजी से बिक रही है, जिसे बचाने की जरूरत है. कानून होने के बावजूद जमीन नहीं बच पा रही है. उन्होंने सीएनटी और एसपीटी एक्ट के प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी. झारखंड राज्य के पूर्व पंचायती राज विभाग निदेशक सह रांची आयकर आयुक्त निशा उरांव ने कहा कि अपने धर्म की रक्षा करना संवैधानिक अधिकार है. ग्राम सभा कोर्ट-कचहरी जैसी ताकत देती है. जमीन-जायदाद, शादी-विवाह सहित अन्य विवाद भी ग्राम सभा में सुलझाये जा सकते हैं. जिस तरह भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के खिलाफ उलगुलान किया था, उसी तरह आज हम सभी को अपनी परंपरा बचाने के लिए एकजुट होना होगा. मुकेश विरूवा ने कहा कि हमारी धर्मग्रंथ धरती है. बिरसा मुंडा भी गाय चराते थे और जड़ी-बूटियों का गहरा ज्ञान रखते थे. जल, जंगल और जमीन आदिवासी जीवन पद्धति से गहरे जुड़े हैं. मौके पर काफी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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