लोहरदगा. मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. मोईन अख्तर के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी अभियान-सह-औचक निरीक्षण किया गया. यह अभियान पावरगंज चौक और थाना चौक क्षेत्र में चलाया गया, जहां अस्थायी दुकानों पर तिल और गुड़ से बने विभिन्न खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे थे. निरीक्षण के दौरान मे. भगन साव तिलकुट भंडार, मे. शिव शक्ति तिलकुट भंडार तथा मे. श्रीराम तिलकुट भंडार से सादा तिल, गुड़ तिलकुट, तिल लड्डू और चिक्की का वैधानिक नमूना संग्रह किया गया. इसी क्रम में थाना चौक स्थित मे. फसफस स्टोर (प्रो. सुधीर कुमार साहू) से काला एवं सफेद तिल का नमूना लिया गया. इन नमूनों की प्रयोगशाला जांच में तिल और गुड़ की गुणवत्ता के साथ-साथ गुड़ में कृत्रिम रासायनिक रंगों की मिलावट की संभावना की जांच की जायेगी. अक्सर देखा गया है कि गुड़ की रंगत निखारने के लिए कुछ निर्माता अखाद्य रंगों का प्रयोग करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है.
पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया अभियान के दौरान मे. साहू तिलकुट भंडार, मे. गुप्ता तिलकुट भंडार, पूजा तिलकुट भंडार और अन्य दो प्रतिष्ठान बिना वैध फूड लाइसेंस के संचालित पाये गये. इन संचालकों पर कुल पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया तथा तीन दिनों के भीतर फूड लाइसेंस के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया गया. सभी दुकानदारों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, खाद्य सामग्री को फर्श पर रखने के बजाय स्टील की प्लेट या ट्रे का उपयोग करने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार का निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा और यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जायेगी. इस अभियान में सहायक कर्मी रजनीश कुमार भी मौजूद रहे. इस निरीक्षण का उद्देश्य त्योहारों के समय जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
