अमृत पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है : आचार्य प्रभु दास जी महराज

अमृत पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है : आचार्य प्रभु दास जी महराज

कुड़ू़ कुड़ू और चंदवा थाना की सीमा पर स्थित बरवाटोली में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ का भव्य शुभारंभ सोमवार को हुआ. अनुष्ठान के पहले दिन वेदी पूजन, अन्नाधिवास, जलाधिवास और मंडप पूजन के साथ देवताओं का आह्वान किया गया. यजमानों ने पुरोहित विनय पांडे के सानिध्य में यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की. पापों से मुक्ति दिलाती है अमर कथा : संगीतमयी कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ से कथा वाचक आचार्य प्रभु दास जी महाराज ने भागवत के प्रथम श्लोक के साथ प्रसंग की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि भागवत को समझना साक्षात भगवान को समझने के समान है. जब जन्म-जन्मांतर के पुण्यों का उदय होता है, तभी ऐसे दिव्य अनुष्ठान का अवसर प्राप्त होता है. महाराज श्री ने बताया कि यह एक अमर कथा है, जिसका श्रवण करने मात्र से पापी भी पापमुक्त हो जाते हैं. राजा परीक्षित के प्रसंग का वर्णन : कथा का बखान करते हुए उन्होंने बताया कि सबसे पहले शुकदेव जी महाराज ने राजा परीक्षित को यह कथा सुनायी थी, जिन्हें तक्षक नाग के डसने से मृत्यु का श्राप मिला था. श्रीमद्भागवत महापुराण वेदों का वह अमृत है जो सनातन ज्ञान की धारा को युगों-युगों से प्रवाहित कर रहा है. श्रद्धालुओं की रही गरिमामयी उपस्थिति : इस आध्यात्मिक आयोजन में मुख्य रूप से लाल राधेश्याम नाथ शाहदेव, जयराम साहू, राजा राम साहू, फलिंदर साहू, लाल गुड्डू नाथ शाहदेव, लाल मुकेश, लाल पंकज, लाल सुधाकर, किनू साहू और अजय सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे. पूरा क्षेत्र भक्तिमय भजनों और जयकारों से गुंजायमान रहा.

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By Shailesh ambashtha

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