Lohardaga Municipal Council, लोहरदगा (गोपी कृष्ण कुंवर): लोहरदगा नगर परिषद के उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर शहर की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. 13 मार्च को नोटिफिकेशन और 17 मार्च को मतदान होना है, लेकिन उससे पहले ही दांव-पेंच और खेला शुरू हो गया है. चुनावी मैदान में गला फाड़-फाड़ कर खुद को कट्टर ईमानदार बताने वाले पार्षद अब अपनी अदा से गिरगिट को भी शरमा रहे हैं.
जनता ले रही मजा, गलियारों में चर्चा गर्म
चूंकि उपाध्यक्ष का चुनाव सीधा जनता नहीं करती, इसलिए ”जनार्दन” खामोशी से इस तमाशे का लुत्फ ले रही है. शहर की गलियों में अफवाहों का बाजार गर्म है, फलाना बिक रहा है, ढिकाना खरीद रहा है. चर्चा है कि कई पार्षद भारी भरकम रकम और चारपहिया वाहन की आस में अपनी बोली लगा रहे हैं और सामने वाले देने के लिए राजी भी हैं. कुछ पार्षदों का तो तर्क यहां तक है कि चुनाव में जो खर्च किया है, उसे जमीन बेचकर तो चुकता करेंगे नहीं!
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पर्यटन पर पार्षद, दलाल बैठा रहे बिसात
सूत्रों की मानें तो कई निर्वाचित वार्ड कमिश्नरों के मोबाइल स्विच ऑफ या नाट रिचेबल बंता रहा है. बताया जा रहा है कि वे किसी गुप्त ”पर्यटन स्थल” की सैर पर निकल गये हैं ताकि उनकी घेराबंदी पक्की रहे. सबसे मजेदार भूमिका उन ”बिचौलियों” की है जो भविष्य में नगर परिषद के ठेकों और जमीन के धंधों में लाभ लेने की फिराक में हैं. वे ही इन पार्षदों के लिए पूंजी इन्वेस्ट कर रहे हैं और जीत का पूरा ”रोड मैप” तैयार कर रहे हैं.
एक हफ्ते में ही बदले सुर
अभी निकाय चुनाव बीते महज एक हफ्ता हुआ है. जो कल तक नाली साफ करने और घर बैठे काम करने की दुहाई दे रहे थे, वे आज खुद घर से ”लापता” हैं. एकता और प्रगतिशील सोच की बातें अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रह गयी हैं, जबकि धरातल पर जोड़-तोड़ और गुणा-भाग का खेल अपने चरम पर है.
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