लोहरदगा़ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चीरी में सोमवार को उच्च प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों और प्रशिक्षु विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. डायट प्राचार्य सह जिला शिक्षा अधीक्षक अभिजीत कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूलों में विज्ञान प्रदर्शनी के प्रभावी आयोजन को मूर्त रूप देना था. वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दें प्राथमिकता : उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रभारी प्राचार्य अमृता सिन्हा ने कहा कि नयी शिक्षा नीति-2020 के तहत विज्ञान शिक्षण को प्रायोगिक कक्षाओं से जोड़ना अनिवार्य है. उन्होंने शिक्षकों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर कम खर्च में बेहतर मॉडल (प्रदर्श) बनाने का सुझाव दिया. 17 मार्च की तैयारी पर मंथन : रिसोर्स शिक्षक अंकेश कुमार मेहता ने आगामी 17 मार्च को होने वाली जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी की बारीकियों से प्रतिभागियों को अवगत कराया. शिक्षकों को दो समूहों में बांटकर गणित और विज्ञान विषयों पर नवाचार, सृजनात्मकता और मूल्यांकन के मानकों पर विस्तृत चर्चा की गयी. कार्यशाला में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर होने वाले विज्ञान आयोजनों के संदर्भ में भी जानकारी दी गयी. जनगणना का कार्य निर्वाचन जैसा ही महत्वपूर्ण
लोहरदगा. समाहरणालय स्थित झारनेट सभाकक्ष में सोमवार को दो दिवसीय जनगणना प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ. उपायुक्त डॉ ताराचंद ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना का कार्य निर्वाचन की तरह ही महत्वपूर्ण है, जिसमें गलतियों की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल और डेटा की शुद्धता पर जोर देते हुए प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया. प्रशिक्षण में रांची से आये विशेषज्ञों ने मकान सूचीकरण, मोबाइल एप का उपयोग, नजरी नक्शा तैयार करने और गोपनीयता बनाये रखने के विधिक प्रावधानों की जानकारी दी. मौके पर अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, नोडल पदाधिकारी सुजाता कुजूर और सभी बीडीओ उपस्थित थे. प्रशिक्षण मंगलवार को भी जारी रहेगा.
