आंधी-बारिश से दिन में छाया अंधेरा, फसलों और बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान

आंधी-बारिश से दिन में छाया अंधेरा, फसलों और बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान

लोहरदगा़ जिले में गुरुवार दोपहर अचानक हुए मौसम में बदलाव ने भारी तबाही मचायी है. तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण करीब दो घंटे तक जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा. दोपहर दो बजे के करीब काली घटाओं ने ऐसा डेरा डाला कि दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गयी. उड़ गये छप्पर, सड़कों पर गिरे पेड़ : आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई घरों के छप्पर और एस्बेस्टस उड़ गये. शहरी क्षेत्र स्थित बड़ा तालाब में मछली पकड़ने के लिए बना अस्थायी मछली घर उड़कर मुख्य सड़क पर जा गिरा. गनीमत रही कि उस वक्त वहां कोई राहगीर मौजूद नहीं था, वरना बड़ी दुर्घटना हो सकती थी. कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां टूटकर गिरने से आवागमन बाधित रहा और बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गये. बिजली विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम आपूर्ति बहाल की. किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी : सबसे ज्यादा नुकसान बागवानी और खेती को हुआ है. आम, लीची और जामुन के बागानों में आधे से ज्यादा फल टूटकर गिर गये हैं. किसानों ने बताया कि तीन वर्षों तक पौधों की मेहनत के बाद इस बार अच्छी आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन प्रकृति की मार ने सब बर्बाद कर दिया. खेतों में लगी सब्जियों की फसलों को भी भारी क्षति पहुंची है. हालांकि, इस बारिश से झुलसाने वाली गर्मी से राहत जरूर मिली है और तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है. लेकिन आजीविका के नुकसान से किसान बेहद मायूस हैं और शासन-प्रशासन से मुआवजे की आस लगाये बैठे हैं.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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