कैरो में यूरिया की कालाबाजारी, किसान बेहाल, प्रशासन लापरवाह

कैरो में यूरिया की कालाबाजारी, किसान बेहाल, प्रशासन लापरवाह

कैरो. कैरो प्रखंड क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी धड़ल्ले से हो रही है. लेकिन प्रखंड प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है. किसान परेशान हैं और कालाबाजारी करने वाले दुकानदार मस्त हैं. बाजार के दुकानदार इस समय किसानों को 520 से लेकर 550 रुपये में बेखौफ होकर यूरिया बेच रहे हैं. जबकि सरकारी स्तर से यूरिया की कीमत 266 रुपये निर्धारित है. निबंधित दुकानों में यूरिया नहीं मिल रही है, जिसका फायदा प्रखंड के खुदरा विक्रेताओं द्वारा उठाया जा रहा है. कैरो के किसान ऊंचे मूल्य पर यूरिया खरीदने को विवश हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जो दुकानदार स्टॉक कर यूरिया छिपाकर रखते हैं और किसानों को नहीं देते, उन पर कार्रवाई की जाये. साथ ही किसानों ने कहा कि हरेक वर्ष अगस्त माह में यूरिया की कमी दुकानों में हो जाती है. परंतु सरकार इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है. किसानों का आरोप है कि आपसी मिलीभगत से ही यह समस्या उत्पन्न हो रही है. तीन दिन बाद भी नहीं हटाया गया किस्को-जोरी मुख्य सड़क पर गिरा पेड़ किस्को. किस्को-जोरी मुख्य सड़क पर रविवार को गिरे विशाल फुटकल के पेड़ को तीन दिन बीत जाने के बाद भी नहीं हटाया गया है. इससे सड़क पूरी तरह बाधित होने से लोग कीचड़युक्त वैकल्पिक रास्तों से आने-जाने को विवश हैं. कई वाहन कीचड़ में फंस रहे हैं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है. ग्रामीणों ने बताया कि जानकारी देने के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. मुख्य सड़क पर प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है, ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. ग्रामीण जल्द से जल्द पेड़ हटाने की मांग कर रहे हैं.

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Published by: Shailesh ambashtha

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