झारखंड के हर विभाग में बड़े बड़े घोटाले हो रहे : बाबूलाल मरांडी

झारखंड के हर विभाग में बड़े बड़े घोटाले हो रहे : बाबूलाल मरांडी

लोहरदगा़ नेता प्रतिपक्ष व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि झारखंड के हर विभाग में बड़े बड़े घोटाले हो रहे हैं. वह सरकार को लगातार पत्राचार कर आगाह करते रहे, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया. जब आज शराब घोटाले में पड़ोसी राज्य ने मामले को सीबीआइ को सौंप दिया तो उसके तार झारखंड से जुड़ गये. इसमें आएएस अफसर विनय चौबे को जेल भेज गया और डीजीपी को भी इस्तीफा देना पड़ा. श्री मरांडी मंगलवार को लोहरदगा सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे. मौके पर भाजपा नेता प्रवीण सिंह, मनीर उरांव, ओमप्रकाश सिंह, पशुपति नाथ पारस, अनिल उरांव, जगनंदन पौराणिक, मिथुन तमेड़ा, राजकुमार वर्मा, पवन तिग्गा, वाल्मीकि कुमार, मंगल गोप भी उपस्थित थे. सभी वायदे धरे के धरे रह गये : श्री मरांडी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने जनता को केवल ठगने का काम किया है. बार-बार अबुआ सरकार की बात कही जाती है, परंतु यह ठगुआ सरकार है. सरकार के सभी वायदे धरे के धरे रह गये. चुनाव के समय एक वोट सात वायदा भी फेल हो गया. स्थानीय नीति के वायदे पर अब चर्चा भी नहीं हो रही. मंईयां सम्मान की राशि वैसे लोगों को नहीं मिल पा रही है, जिन्हें सबसे ज्यादा जरूरत है. वृद्ध, विधवा, दिव्यांग उपेक्षित महसूस कर रहे हैं. युवाओं को स्कॉलरशिप से वंचित रखा जा रहा है. युवा पलायन कर रहे हैं. प्रखंड और जिला स्तर पर तकनीकी शिक्षा व्यवस्था बहाल करने की बात कही गयी थी, परंतु अब चर्चा तक नहीं होती. पिछले छह वर्षों से एक भी सरकारी परीक्षा एवं बहाली नहीं हो पायी है, हाल में जो नियुक्ति पत्र बांटे गये, वह पिछली सरकार की नियुक्तियां हैं. राज्य में खाद्यान्न वितरण की स्थिति बदतर है. वायदे से कम वितरण और वितरक लाभांश नहीं मिल रहा है. इसी महीने नये अध्यक्ष की घोषणा : मरांडी : बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरायी तक जम चुकी हैं. झारखंड खनिजों से भरा-पूरा राज्य है. यहां के डीएमएफटी फंड में भी बड़े घोटाले हो रहे हैं. सरकारी नुमाइंदे पिछड़े क्षेत्रों, जरूरतमंद व असहाय लोगों के विकास को छोड़कर अपनी सुविधाएं बढ़ाने में लगे हैं. वहीं एसआइआर को झारखंड के लिए जरूरी बताया. कहा कि इससे वोटरों का शुद्धिकरण होगा, क्योंकि झारखंड की डेमोग्राफी में बहुत ज्यादा बदलाव हुए हैं. आदिवासियों की संख्या लगातार घटी है. भाजपा की सांगठनिक गतिविधियों पर कहा कि इसी महीने प्रदेश को नये अध्यक्ष मिलेंगे. सभी समितियों का गठन भी होगा.

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Published by: Shailesh ambashtha

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